अक्तूबर ८, २०१८
देहरादूनमें पढ रहे कश्मीरी छात्रके आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीनमें सम्मिलित होनेकी सूचना है । यह दूनका दूसरा प्रकरण है, जब यहां पढ रहा कश्मीरी छात्र किसी आतंकी संगठनमें सम्मिलित हुआ है । छात्रकी मांने वीडियो सन्देश जारी कर पुत्रके वापस लौटनेकी विनती की है । इधर, केन्द्रीय सुरक्षा विभागके साथ ही सैन्य गुप्तचर विभाग (मिलिट्री इंटेलीजेंस) और सेनाने देहरादूनमें सम्पर्क साधा है । यह छात्र गत २० सितम्बरको दूनसे कश्मीरके लिए निकला था, उसके पश्चात उसका संज्ञान नहीं है !
जम्मू-कश्मीरके बुमराटका (कुलगाम) रहने वाला छात्र शोएब अहमद लोन नन्दाकी चौकी स्थित एल्पाइन संस्थानमें (इंस्टीट्यूट) बीएससी (आईटी) पांचवीं छमाहीका (समेस्टरका) छात्र है । उसने यहां २०१६ में प्रवेश लिया था । वह महाविद्यालयसे बाहर छात्रावासमें रह रहा था । २० सितम्बरको शोएब संस्थानसे घर जानेकी बात कहकर गया । चण्डीगढसे उसकी विमानयात्रा (फ्लाइट) थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा । सूत्रोंके अनुसार शोएबकी मांने जम्मू-कश्मीरमें सुरक्षा विभागसे सम्पर्क साधनेके साथ ही फेसबुकपर पुत्रके वापस घर लौटनेका भवनात्मक सन्देश जारी किया, जिसमें उन्होंने पुत्रके आतंकी संगठनमें सम्मिलित होनेकी बात कही है ।
इसमें ‘नौवीं राष्ट्रीय राइफल’के अधिकारी भी शोएबको लेकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं । उन्होंने दून स्थित एल्पाइन संस्थानसे भी सम्पर्क साधा है । इस सूचनाके पश्चात देहरादून पुलिसके साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई और केन्द्रीय जांच विभाग भी सतर्क हो गए हैं । उन्होंने संस्थानके साथ ही शोएबके सहपाठियोंसे जानकारी ली है । संस्थानके निदेशक डा. एसके चौहानने बताया कि छात्रको लेकर सारी जानकारी सेनाको उपलब्ध करा दी गई है । उन्होंने कहा कि अभी वह शोएबके बारे में अधिक कुछ नहीं बता सकते हैं, क्योंकि सेना और पुलिस इसकी जांच कर रहे हैं । अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमारका कहना है कि शोएबको लेकर एकत्र की जा रही जानकारीको शीघ्र ही सार्वजनिक किया जाएगा ।
कश्मीरसे लोनसे कौन-कौन मिलने आया, क्या उनमें कोई आतंकी था या नहीं, यहां रहनेके समय वह कैसे आतंकियोंसे सम्पर्कमें आया । वह चलभाष या व्हाट्सएपकेद्वारा विदेशमें सम्पर्क तो नहीं करता था ? पुलिनने इस प्रकारके प्रश्न खोजनेके लिए उसके छात्रावास संचालक, वार्डन, विद्यालयके अध्यक्ष, उसके साथी छात्रोंसे भी उसके बारेमें जानकारी एकत्र की है, लेकिन उसका आतंकी सम्पर्क ज्ञात करना पुलिसके लिए बडी मुसीबत बना हुआ है ।
“पौधा तभी उगता है, जब उसके लिए बीज गिरते हैं । कश्मीरी छात्र ही क्यों आतंकी संगठनमें सम्मिलित हो रहे हैं, फेसबुकपर रोते हुए विनती करने वाले माता-पिता स्वयं सोचे !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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