केजरीवालने स्वयंको बताया रामभक्त, लोगोंने स्मरण कराए पुराने पाप


११ मार्च, २०२१
            देहलीके मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालने बुधवार, १० मार्च २०२१ को स्वयंको भगवान रामका भक्त घोषित किया । उन्होंने कहा कि वे हनुमान भक्त हैं । हनुमानजी भगवान रामके भक्त हैं, इसलिए वह भी भगवान रामके भक्त हुए । उन्होंने घोषणा की कि अयोध्यामें राममन्दिर निर्माण पूर्ण होनेपर वे देहलीके वरिष्ठ नागरिकोंको दर्शन हेतु अयोध्या लेकर जाएंगे ।
   यह वक्तव्य आनेपर सामाजिक जालस्थानपर लोगोंने केजरीवालको उनके पुराने हिन्दू विरोधी ‘ट्वीट्स’ स्मरण करवाए, जिसमें उन्होंने हिन्दू धर्मका अपमान किया था ।
         केजरीवलने राममन्दिर निर्माणपर ही प्रश्न उठाया था, जिसके पूर्ण होनेपर वे वरिष्ठजनको वहां दर्शन करवानेके इच्छुक हैं । लोकसभा चुनावके पूर्व २०१९ में केजरीवालने एक चित्र साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति सनातन धर्म प्रतीक स्वस्तिकको झाडू मारते दृष्टिगत हो रहा है ।
          पिछले वर्ष नगर निगमका अपमान करते हुए केजरीवाल भारतको अपमानित कर गए ।  भारतके विशाल पर्वतोंकी शृंखलाके चित्र साझा करते हुए उसके निकट देहलीके गाजीपुरमें कचरेके ढेरको भारतका सर्वाधिक ऊंचा पर्वत बताया था ।
       एक राक्षस तुल्य व्यक्तिको हनुमानजीके समान आकाशमें विचरण करते पूंछसे ‘जेएनयू’ दहन करके लौटते दर्शाया था ।
       अपने चुनाव चिह्नके प्रचारमें सिखोंके प्रवित्र गुरुद्वारे स्वर्ण मन्दिरके पवित्र कुण्डमें झाडू दर्शाई थी ।
       यह सब स्मरण करवाते हुए लोगोंने यह लिखा कि केजरीवालको ‘कोरोना’का स्वदेशी टीका लग जानेके कारण उनका हृदय परिवर्तन हो गया है ।
     यह देशका दुर्भाग्य ही है कि हमारे अधिकतर हिन्दू नेतागण वास्तवमें हिन्दू धर्मका पालन न कर ‘स्वार्थ धर्मका पालन करते हैं । केजरीवाल भी ऐसे ही अनेक नेताओंमेंसे एक हैं । ‘ईद’पर जालीदार टोपीमें नमाज पढते, गिरिजाघरमें जाते तथा गुरुद्वारेमें पगडी बांधते हैं । हिन्दुओंको सदैव निम्न बताते आए ये नेतागण वर्तमानमें हिन्दुओंको जाग्रत होते देख हिन्दू बननेका ढोंग करने लगे हैं । इन नेताओंका ढोंग अब समाज समझने लगा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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