केरलमें वामपन्थी शासनने भगवान रामकी ली शरण, राजनीतिके लिए किए प्रपंच
०१ अगस्त, २०२१
केरलके वामपन्थी दल ‘सीपीआई’ने भगवान रामकी चर्चा और प्रवचन करवाया । यह प्रवचन सात दिवसोंतक चलता रहा और इसमें भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीरामकी रामायणपर चर्चा होती रही । इस प्रवचनका शीर्षक था ‘रामायण एण्ड इंडियन हेरिटेज’ । ‘सीपीआई’के वामपन्थी दलने, केरलके मल्लमपुरम जनपदकी समितिके माध्यमसे, २५ से ३१ अगस्ततक इसका प्रसारण करवाया । इसमें कम्युनिस्ट दलोंके नेताओंने भी भाग लिया । समितिके सचिव कृष्ण दासने रामायण जैसे ग्रन्थको देशकी धरोहर और संस्कृति बताया । ‘सीपीआई’ एक अकेला ‘कम्युनिस्ट’ दल ही नहीं है, जिसने भगवान श्रीरामकी शरण ली हो । हिन्दुओं तथा हिन्दूराष्ट्रकी बलि देनेवाले, अन्य स्वार्थी दलोंके नेता भी मन्दिरोंके चक्कर काटते हुए दिखाई देते हैं । वे सभी मतदाताओंको लुभानेके प्रयास करते रहते हैं । ‘कम्युनिस्ट’ दलद्वारा रामायणकी चर्चा और प्रवचन करानेका कारण भी केवल यही है । केरलमें सत्ता खोनेके भयसे भयभीत सत्ताधारियोंकेद्वारा, रामायणकी चर्चा करवाना, मात्र एक ही राजनीतिक उपाय है ।
भारतमें जो दल विस्तारवादी ‘कम्युनिस्ट’ चीनके पक्षमें कूदते रहे हैं और हिन्दुओंके लिए उनकी संस्कृति और त्योहारोंपर अवरोध उत्पन्न करते रहे हैं, वही वामपन्थी दल अब सत्तालोलुपताके लिए, हिन्दुओंको रिझानेके लिए मन्दिरोंमें चक्कर लगाकर, मूर्ख बनानेका प्रयास कर रहे हैं । हिन्दुओंको जाग्रत होकर ऐसे दलोंसे बचना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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