छायाङ्कन करवाने आई ‘मॉडल’से सलीम, अजमल और शमीरने किया यौनाचार, केरल ‘पुलिस’पर ढिलाईका आरोप


१० दिसम्बर, २०२१
       केरलके कोच्चिमें छायाङ्कन करवाने आई एक ‘मॉडल’के साथ सामूहिक यौनाचार किया गया । यौनाचार करनेवाले आरोपितोंके नाम सलीम, मोहम्मद अजमल और शमीर हैं । सलीम और अजमलको ‘पुलिस’ने बन्दी बना लिया है ।
      यौनाचार पीडिताको ‘क्रिस्टीना रेसीडेंसी’ नामके ‘लॉज’में बन्धक बनाया गया था । बन्धक बनाकर उनके साथ १ से ३ दिसम्बर २०२१ तक दुष्कर्म किया गया । पीडिताका अश्लील दृश्यपट भी बनाया गया । साथ ही उन्हें धमकाया भी गया ।
      समाचार माध्यमोंके अनुसार, पीडित ‘मॉडल’ मलप्पुरमसे कोच्चि किसी परिचितके पास आई थीं । वह २८ नवम्बरको कोच्चि पहुंची थीं । यहां वह एक ‘लॉज’में ठहरीं, जिसका नाम ‘क्रिस्टीना रेसीडेंसी’ है और यहीं उनके साथ दुष्कर्म किया गया । यह ‘लॉज’ ककनाथमें एदाचिराके पास है ।
      वक्तव्यमें पीडिताने बताया है कि उन्हें कक्षमें बन्द रखा जाता था । ‘मॉडलिंग’ और छायाङ्कनके नामपर पीडिताने आरोप लगाया कि ये आरोपित केरल और दूसरे राज्योंकी युवतियोंके साथ यौनाचार करनेके लिए उन्हें अपने यहां रखते हैं । पीडिताने केरल ‘पुलिस’पर भी ढिलाईसे कार्यवाही करनेके आरोप लगाए । ‘मॉडल’के अनुसार, ‘पुलिस’का व्यवहार सन्तोषजनक नहीं रहा । उन्होंने आरोपितोंको भागनेका अवसर दिया ।
       जिस धर्मके अनुयायी नित्य दुष्कर्म, अपहरण, लूट और हिंसा करते हों, उसको धर्म कैसे कहा जा सकता है ? जिहादियोंको न तो विधानका भय होता है और न ही प्राशानिक कार्यवाहीका, इसके साथ ही जब वामपन्थी प्रशासनकी सहानुभूति पीडिताके स्थानपर अपराधियोंके साथ हो तो न्यायकी आशा कैसे की जा सकती है ? हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है, यह उपरोक्त घटनाओंसे ज्ञात होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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