जनवरी १५, २०१९
केरलके लोकायुक्तने मुख्यमन्त्री आपदा राहत कोषके कथित दुरुपयोग वाली परिवादको विचारार्थ स्वीकारकर लिया है और इस सम्बन्धमें मुख्यमन्त्री पिनराई विजयन एवं राज्यके अन्य मन्त्रियोंको अधिसूचना (नोटिस) जारी की है । लोकायुक्त न्यायमूर्ति पी.सी. कुरियकोस और उप लोकायुक्तों – न्यायमूर्ति के पी बालाचंद्रन एवं न्यायमूर्ति ए के बशीरकी पूर्ण पीठने आर.एस. शशि कुमारद्वारा प्रविष्ट कराई गई परिवादपर विचार करनेका मंगलवारको निर्णय किया । यहां एक आधिकारिक वक्तव्यमें बताया गया कि इस पीठका गठन राहत कोषसे सहायताके वितरणकी जांचके लिए विभागोंके अधिकार क्षेत्रके सम्बन्धमें लोकायुक्त एवं एक उपलोकायुक्तके मध्य मतभेद होनेके पश्चात किया गया था । पीठने निर्धारित किया कि परिवाद लोकायुक्तके विचार करने योग्य है और प्रतिवादियों – मुख्यमन्त्री पिनराई विजयन एवं राज्यके अन्य मन्त्रियोंको नोटिस भेजनेका आदेश दिया ।
“केरलके निधर्मी नेताओंसे इसके अतिरिक्त क्या आशा की जा सकती है ? केरलके मुख्यमन्त्रीका सम्पूर्ण ध्यान सबरीमालाकी परम्पराको तुडवानेमें है, उनका ध्यान न राज्यमें धर्मान्तरणकी ओर, न ही आइएसके बढते प्रभावकी ओर है और अब आपदा राशिको भी निधर्मी नेताओंके लूटनेके अरोप लगे हैं । केन्द्र शासन इसपर भिन्न जांच दल बैठाए व दोषियोंको दण्डित करें, यह सभी राष्ट्रवादियोंकी मांग है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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