केरलमें अध्यापक अब्दुल रफीकने प्रथम कक्षामें पढनेवाली बालिकासे किया दुष्कर्म


२६ सितम्बर, २०२१
      केरलके कुन्नमकुलममें प्रथम कक्षामें पढनेवाली बालिकासे दुष्कर्म करनेवाला नैतिक विज्ञानका अध्यापक व नीलांबुरके चिराकुझी स्थित करादान ‘हाउस’का निवासी, ४४ वर्षीय अब्दुल रफीक पवारत्तीके पुथुमानस्सेरी स्थित एक विद्यालयमें शिक्षक था । अब दुष्कर्मके दोषी पाए जानेपर ‘पोक्सो’ न्यायालयने उसे २९ वर्ष ६ माहका दण्ड प्रदान किया है । वहीं आरोपीपर २.१५ लाख रुपएका अर्थदण्ड भी लगाया गया है । अर्थदण्ड भरनेमें विफल होनेपर रफीकको २ वर्ष ९ माहका अतिरिक्त दण्ड भी काटना होगा । प्रतिवेदनके अनुसार, अभियोजन पक्षकी ओरसे ‘स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ अधिवक्ता के एस बीनू उपस्थित हुए थे । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, अब्दुल रफीकने वर्ष २०१२ में विद्यालय  भ्रमणयात्राके (पिकनिकके) मध्य इस घिनौने कृत्यको क्रियान्वित किया था । ‘पिकनिक’से लौटनेके पश्चात बच्चीके सम्पूर्ण शरीरमें वेदना हो रही थी । यह बात उसने अपनी मांको बताई, जिसके पश्चात वह उसे त्वरित चिकित्सालय ले गई । वहीं ‘मेडिकल’ जांचके मध्य ज्ञात हुआ कि बच्चीका यौन शोषण हुआ है व उसके गुप्ताङ्गोंमें गम्भीर चोट आई है । इसके पश्चात परिजनने ‘पुलिस’के पास पहुंच पूरा प्रकरण बताकर आरोपीके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट करवाया । न्यायालयका यह भी कहना था कि यौन शोषण एक व्यक्ति नहीं; अपितु सम्पूर्ण समाजके विरुद्ध एक गम्भीर अपराध है । इस प्रकारके अपराध अवयस्कोंकी मानसिक स्थितिको प्रभावित करते हैं ।
      आज आसुरी प्रवृत्तिके मनुष्योंके लिए इस प्रकारके कुकृत्य करना सामान्यसे बात हो गई है । वहीं न्यायव्यवस्थाका भय भी समाजमें नगण्य समान है और भय होगा भी कैसे ?, क्योंकि न्यायायाधीश ऐसा दण्ड ही नहीं देते हैं जिससे अपराधीके मनमें भय व्याप्त हो । इसे परिवर्तित करने हेतु हिदू राष्ट्रकी स्थापना अत्यन्त आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution