केरलकी महिलाको चाकरीके लिए ‘एजेंट’ सलीम, जखीरने भेजा कतर, १६ माहतक बनाए रखा बन्धक
३० जुलाई, २०२१
चाकरीका झांसा देकर खाडी देश भेजी गई केरलकी एक महिलाने कतर देशके दोहामें एक अरब परिवारके घर १६ माहतक ‘गुलामों’का नारकीय जीवन व्यतीत कर आई है । एक सामाजिक संस्थाके अथक प्रयाससे वह ९ जुलाईको भारत आ पाई । इस प्रकरणमें उसे भेजनेवालोंके विरुद्ध ‘पुलिस’ने परिवाद प्रविष्ट कर लिया है ।
यातनाके विषयमें पीडिताने बताया कि वह घर प्रथम दिवससे ही नरक था । उन्होंने पीडिताको ‘गुलाम’ सम्बोधितकर बताया गया कि उसे ‘लाखों’में क्रय किया गया था । उससे निरन्तर कार्य करवाए जाते थे, केवल चार घण्टे विश्रामको दिया जाता था तथा जूठा भोजन ही दिया जाता था । उस परिवारवालोंद्वारा क्रूरतापूर्वक दुर्व्यवहार किया जाता रहा, जहां दो महिलाएं निरन्तर उसकी पिटाई करती थीं ।
पीडिता अपने मां, पति और तीन बच्चोंके साथ नजारक्कलमें एक भाडेके घरमें रहती थी । परिवारकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी । इस मध्य दो स्थानीय ‘एजेंट’ सलीम और जखीरने उसे २३ सहस्र प्रति माहपर दोहामें एक अरब परिवारके घरमें कार्य करनेका प्रस्ताव दिया था । पीडिताने लिए दोहामें चाकरीके प्रस्तावको स्वीकारकर अनुबन्धपर यात्री ‘विसा’पर दोहा चली गई थी ।
इस्लामिक राष्ट्रोंके अति विकासका आधार ही श्रमिकोंका व्यापक स्तरपर शोषण रहा है । हिन्दुओंको जिहादियोंद्वारा दिए जानेवाले चाकरीके प्रलोभनोंके प्रति सतर्क रहना चाहिए । शासन ऐसी गतिविधियोंके प्रति सक्रिय हो कठोरतम कार्यवाही करे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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