खालिस्तानी उपद्रवियोंने राष्ट्रीय ध्वज नीचे फेंककर किया राष्ट्रीय ध्वजका अपमान


२८ जनवरी, २०२१
    केन्द्र शासनद्वारा पारित तीन कृषि अधिनियमोंके विरुद्ध खालस्तानियोंने उपद्रव किए हैं । किसानोंके नामपर खालस्तानियोंकी भीडने देहलीके लालकिलेमें घुसकर भारी हानि पहुंचाई । उन्होंने राष्ट्रीय तिरंगे ध्वजको फेंककर उस स्थानपर ‘निशान साहब’ नामक पताका फहरा दी, जिस स्थानपर प्रतिवर्ष प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय ध्वज फहराया करते थे ।
       भीडमेंसे एक सिख जैसे दिखनेवाले युवकको गुम्बदपर चढते हुए और राष्ट्रीय ध्वज फेंकते हुए वीडियोमें स्पष्ट रूपसे देखा जा सकता है, जो भारतसे प्रेम करनेवाले प्रत्येक देशवासीको व्यथित कर रहा है ।
      कुछ स्थानोंपर पुलिसने प्रदर्शनकारियोंको अनुमति दी थी; किन्तु खालिस्तानी उपद्रवियोंने देहली में घुसकर, पूरी देहलीमें ही आक्रमण कर दिया । उन्होंने विभिन्न स्थानोंपर पुलिससे मारपीट की, सार्वजनिक सम्पत्तियोंको नष्ट किया, वाहनोंको टक्कर मारकर भारी क्षति पहुंचाई, अपने साथ लाए हुए पत्थरों, डण्डों और लोहेकी छडोंसे मार-मारकर पुलिसको भगाया और पुलिसको ट्रैक्टरसे रौंदनेका प्रयास भी किया । एक महिला पुलिसको घेरकर कोनेमें ले जाकर उससे दुर्व्यवहार किया, जिसे छुडानेमें पुलिसको बहुत प्रयास करना पडा । लालकिलेके मुख्य द्वारको रस्सियोंसे बांधकर, उसे तोडनेका प्रयास भी किया गया ।
             उद्विग्न होकर पुलिसने आंसू गैस छोडी और सभी ‘मैट्रो’ परिवहनके द्वार बन्द कर दिए गए ।
       जिस प्रकार सिखोंके वेशमें आए इन उपद्रवियोंने सभी मर्यादाओंको ताकपर रखकर, प्रदर्शनके लिए बनाए गए  नियमोंका उल्लंघन किया है और राष्ट्रदोहियोंने देशको अत्यधिक क्षति पहुंचाई है, उसी प्रकार केन्द्र शासनको भी कठोर नीति अपनाते हुए, सभी उपद्रवी किसान नेताओंको कारावासका दण्ड देना चाहिए । उनकी सम्पत्तियोंसे सभी क्षतियोंकी पूर्ति की जानी चाहिए । उनके लिए दिए गए अनुदान, उनसे पुनः लेनेका नियम बनाना चाहिए और उनकी सुविधाओंपर कठोर प्रतिबन्ध लगाने चाहिए । उग्रवादियोंका अभिज्ञानकर, उन्हें बन्दी बनाया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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