‘किशमिश’ (भाग-६)


दांतोंके लिए : ‘किशमिश’से दांतों और मसूडोंको बहुत लाभ होता है । ‘किशमिश’में ऐसे ‘फाइटो-कैमिकल्स’ पाए जाते हैं जो दांतों और मसूढोंको दूषित करनेवाले कीटाणुओंको बढनेसे रोकते हैं । ‘किशमिश’में पाए जानेवाले ‘फाइटो-कैमिकल्स’ जबडे और मसूढेके रोगोंके लिए उत्तरदायी जीवाणुओंको नष्ट कर देते हैं । ‘किशमिश’की प्राकृतिक मिठाससे ‘कैविटी’ (दांतमें छेद) नहीं होते हैं । ‘कैविटी ग्लूकोज’ यानि शर्करासे उत्पन्न होती है । ‘किशमिश’में ‘ओलिएनोलिक एसिड’, ‘ओलिएनोलिक अल्डीहाइड’, ‘वेटुलिन बैटुलिनिक एसिड’ और ‘फरफ्युरल’ पाए जाते हैं, जिनके कारण दांतोंमें किसी प्रकारका संक्रमण उत्पन्न होनेकी आशंका नहीं रहती है; अतः निश्चिन्त होकर ‘किशमिश’से लाभ उठाया जा सकता है । ‘किशमिश’ दांतों और मसूडोंके रोगोंमें लाभदायक है ।

रक्ताल्पताके (एनीमियाके) लिए : ‘किशमिश’ लेकर सवेरे ‘गर्म पानीसे धोकर, स्वच्छ कर लें और इसे कच्चे दूधमें डूबो दें । एक घण्टे पश्चात उस दूधको ‘किशमिश’ सहित उबाल लें । तत्पश्चात ‘किशमिश’को एक-एक करके खा लें और ऊपरसे ‘गर्म’ दूध पी लें । इससे शरीरमें रक्तकी वृद्धि होगी ।



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