कोरोनाके विषम परिस्थितिमें दिखाई दे रहा नैतिक मूल्योंका पतन !
हमने आपको बताया था कि हमारे श्रीगुरुने जनवरी १९९९ में हमें बताया था कि ऐसा काल आयेगा कि लोग अपने परिजनोंकी अन्त्येष्टि भी नहीं कर पायेंगे; किन्तु यहां तो स्थिति और भी विषम है ! समाचार पत्रोंमें वृत्त प्रकाशित हो रहा है कि घरके सदस्य कोरोना पीडित सदस्यकी मृत्यु होनेपर उनकी अंत्येष्टि तो क्या उनके मृत देहको दूरसे भी देखना नहीं चाहते हैं ! यह अमेरिका नहीं भारतमें घटित हो रहा है ! इससे ही समझ जाएं कि समाजमें नैतिक मूल्योंका कितना पतन हुआ है !
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