जुलाई १५, २०१८
कर्नाटकके मुख्यमन्त्री और ‘जनता दल सेक्युलर’के (जेडीएस) नेता एचडी कुमारस्वामीने कहा कि जहां उनके दलके लोग इस बातसे प्रसन्न हैं कि अन्ना और थन्ना (भाई) राज्यके मुख्यमन्त्री बन गए हैं, वहीं वह गठबन्धन वाली इस वर्तमान शासनसे प्रसन्न नहीं हैं । जेडीएसकी ओरसे उन्हें मुख्यमन्त्री बनाए जानेकी प्रसन्नतामें एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें मालाएं दी गई, जिसे कि उन्होंने लेने से मना कर दिया ।
कुमारस्वामीने कहा, ‘जहां आप लोग यह बात सोचकर बहुत प्रसन्न हैं कि आपका अन्ना और थन्ना मुख्यमन्त्री बन गया है, वहीं मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं प्रसन्न नहीं हूं । मैं अपनी वेदना दबा रहा हूं, जो कुछ नहीं, बल्कि विषसे अधिक है ! जिसे कि मैं किसीके साथ साझा नहीं कर सकता ! गठबन्धन शासनका नेतृत्व करने वाले कुमारस्वामीने कहा मैं इन परिस्थितियोंसे बिलकुल प्रसन्न नहीं हूं !’
कुमारस्वामीके इस भावुक भाषणका तात्कालिक कारण एक लेख है, जिसपर लिखा है कुमारस्वामी मेरे मुख्यमन्त्री नहीं हैं । कोदगूके एक लडकेने सामाजिक प्रसार माध्यमपर एक वीडियो डाला, जिसमें उसका कहना था कि मेरे गांवकी सडक बह गई है और मुख्यनमन्त्रीको इसकी कोई चिन्ता नहीं है । इसी तरह तटीय प्रान्तके मछुआरे भी ऋण क्षमा न होनेके कारण उनका शासनके विरुद्ध आवाज उठा रहे हैं ।
कुमारस्वामीने कहा, ‘कोई इस बातको नहीं जानता कि गत एक माहसे अधिकारियोंको ऋणके लिए मनानेमें मुझे कितना परिश्रम करना पडा है । अब वह ‘अन्न भाग्य योजना’के अन्तर्गत ५ के स्थानपर ७ किलो चावल मांग रहे हैं । मैं इसके लिए कहांसे २५०० कोटि रुपए लेकर आऊं ? कर वृद्धिके कारणसे मेरी आलोचना हो रही है । इन सबके पश्चात समाचार माध्यम कह रहे है कि ऋण क्षमा योजनामें कोई स्पष्टता नहीं है । यदि मैं चाहूं तो २ घण्टेके अन्दर मुख्यमन्त्रीका पद छोड सकता हूं ।’
मुख्यमन्त्रीने कहा कि यह उनका दुर्भाग्य है कि मतदानके समय लोग उन्हें सुननेके लिए तो इकट्ठा हुए; लेकिन मत देनेके समय वह उनके दलके उम्मीदवारोंको भूल गए । उन्होंने कहा, ‘ईश्वरने मुझे शक्ति (मुख्यमन्त्री पद) दी है । वह ही निर्धारित करेंगे कि मुझे कितने दिवस पद पर रहना है । मैं केवल लोगोंकी भलाईके लिए मुख्यमन्त्री बना हूं और किसी कारणसे नहीं । यह मेरा स्वप्न है कि मैं अपने दलके वचनों और अपने पिता एचडी देवगौडाके अधूरे स्वप्नको पूरा कर सकूं । यह शक्तिपर अधिकार करनेके लिए नहीं है; यद्यपि मतदान परिणाम बताते हैं कि ‘कहीं न कहीं’ लोगों को मुझपर विश्वास नहीं था ।’
स्रोत : अमर उजाला
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