२४ घण्टेमें लश्‍करका तीसरा आतंकी बन्दी बनाया गया


जुलाई २२, २०१८

जम्‍मू-कश्‍मीरमें आतंकियोंके विरुद्ध ‘ऑपरेशन ऑल आउट’के अन्तर्गत सुरक्षाबलोंको २४ घण्टेमें तीसरी बडी सफलता मिली है । इस सफलताके अन्तर्गत रविवार दोपहर सुरक्षाबलोंके संयुक्‍त दलने ‘लश्‍कर-ए-तैयबा’के एक आतंकीको बन्दी बनाया है । बन्दी बनाए आंतकीका संज्ञान २३ वर्षीय वागर अहमद मलिकके रूपमें हुआ है । आतंकी आगर मूल रूपसे कुपवाडाका रहने वाला है । सुरक्षाबलोंने उससे एके-४७ बन्दूक, एके-४७ बन्दूकके ६१३ जीवित कारतूस, एक यूबीजीएल लांचर सहित अधिक मात्रामें सामान मिला है ।

इस अभियानसे जुडे वरिष्‍ठ अधिकारीने बताया कि कुपवाडाके हन्दवाडा प्रान्तके अन्तर्गत आने वाले हम्पोरा क्षेत्रमें सीआरपीएफकी ९२वी बटालियन, राष्‍ट्रीय राइफ्सकी ३०वीं बटालियन और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिसके विशेष अभियान दलने अन्वेषण अभियान चलाया था । इस मध्य सुरक्षाबलोंने जंगलमें उपस्थित एक आतंकीको घेर लिया । इस आतंकीको चेतावनी देतेे हुए झुकनेको कहा गया । आतंकीने सुरक्षाबलोंपर प्रहार करनेका प्रयास किया; लेकिन सतर्क जवानोंने प्रहारको विफल करते हुए इस आतंकीको पकड लिया । तलाशीके मध्य इस आतंकीसे भारी मात्रामें शस्त्रास्त्र, गोलियां और लांचर पाए गए हैं !

सुरक्षाबलोंद्वारा गत २४ घण्टेमें तीसरे आतंकीको जीवित बन्दी करनेकी घटनाको बडी सफलताके रूपमें देखा जा रहा है । रविवार सुबह ही, ‘सीआरपीएफ’, भारतीय सेना और जम्मू पुलिसके संयुक्‍त दलोंने लश्‍कर तैयबाके तीन आतंकियोंको कुलगाममें मार गिराया था । मारे गए आतंकियोंमें एक आतंकी पाकिस्‍तानका है, जबकि दो आतंकी कुलगामके ही रहने वाले हैं । कुलगाम मूलके दोनों आतंकियोंका संज्ञान सुहैल वशीर और उमर राशिदके रूपमें हुआ है । पाकिस्‍तानी आतंकीका संज्ञान अबू मावियाके रूपमें हुआ है । इनसे सुरक्षाबलोंने २ एके-४७ बन्दूकें, ४ मैगजीन, एक कार्बाइन सहित भारी मात्रामें विस्फोटक मिला था ।
सुरक्षाबलोंने गत २४ घण्टोंमें ‘लश्‍कर-ए-तैयबा’को तीन बडे झटके दिए हैं । उपरोक्‍त दोनों आघातके अतिरिक्त, सुरक्षाबलोंके संयुक्‍त दलने शनिवार शाम बारामुलासे ‘लश्‍कर-ए-तैयबा’के तीन आतंकियोंको बन्दी बनाया था, जो ‘सीआरपीएफ’की १७९ बटालियन, जम्‍मू कश्‍मीर पुलिसके विशेष अभियान दल और राष्‍ट्रीय राइफल्‍सकी २२वीं बटालियनके संयुक्‍त दलने दुर्गापुरसे की थी । इनसे सुरक्षाबलोंने एक यूजीबीएल हथगोला, एक-४७ बन्दूककी मैगजीन और १५ एके-४७ बन्दूकके जीवित कारतूस पाए गए थे !

स्रोत : जी न्यूज



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