‘मदरसे’में अनुसूचित जातिके युवकको बनाया बन्धक, बलपूर्वक धर्मान्तरण कराया, ‘मौलाना’ पलायन कर भागा
१ नवम्बर, २०२१
गारबपुर गांव निवासी दामोदरने ‘पुलिस’को बताया कि उसका बेटा अनुज जो एक श्रमिक था, ५ माहसे घर नहीं आया । कुछ लोग उसे चाकरी दिलवानेका प्रलोभन देकर देहली लेकर गए; उसके पश्चात उसका भ्रमणभाष बन्द हो गया । उसने जब बेटेको ढूंढनेका प्रयास किया तो उसे ज्ञात हुआ कि उसके बेटेको उत्तरप्रदेशके लखीमपुर खीरीके मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्रमें बन्धक बनाकर रखा है । उसे मोहल्ला सरैयाके ‘मदरसा’में बन्धक बनाकर रखा था तथा उसका बलपूर्वक धर्मान्तरण करवाया गया था ।
दामोदरने बेटेसे मिलनेका प्रयास किया तो उसे भगा दिया गया । उसने कस्बा चौकीमें ‘पुलिस’को बताया, तो ‘पुलिस’ने ‘मदरसे’ पहुंचकर बेटेको ढूंढकर पिताको सौंपा । अनुजने बताया कि उसका बलपूर्वक धर्मान्तरण करके ‘बिलाल रजा’ नामकरण किया गया था ।
‘पुलिस’ने ६ लोगोंपर परिवाद प्रविष्ट कर आरोपपत्र दाखिल किया है । इनमें मुख्य आरोपी ‘मौलाना’ पलायन कर गया है । अन्य आरोपी शहबान रजा, मुकीम, अकलिम रजा, अफसर अली, इशहाक बन्दी बना लिए गए हैं । इसमें बलपूर्वक धर्मान्तरणके संग ‘एससी एसटी’ धाराभी लगाई गई है ।
कट्टरपन्थी, अनुसूचित जाति, जनजातिके हितैषी बनते हैं; जबकि वे इन्हें हिन्दू मानकर जिहाद करते हैं । अनुसूचित जाति जनजातिको यह सत्य स्मरण रखना चाहिए । उत्तरप्रदेश ‘पुलिस’ शीघ्र ही मुख्य आरोपीको बन्दी बनानेमें सफल होगी तथा दोषियोंको कठोर दण्ड मिलेगा यही न्यायव्यवस्थासे अपेक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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