बंगाल ‘लैंड जिहाद’, मटियाब्रुजमें शेख मुमताज और उसके ‘गुंडों’का उत्पात, हिन्दू परिवारोंपर टूटा प्रकोप


०२ मार्च, २०२१
     बंगालकी राजधानी कोलकाताके मुसलमान बहुल मटियाब्रुजके ‘झुग्गियों’में रह रहे हिन्दू परिवारोंको जमकर प्रताडित किया जा रहा है । कथित रूपसे हिन्दू परिवारोंको घर छोडनेके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, जिससे ‘भू-माफिया’ उनकी भूमि हडप ले । शेख मुमताज नामक एक व्यक्तिपर आरोप है कि अपने मित्रोंके साथ मिलकर हिन्दुओंको भगाना चाह रहा है । इसके लिए महिलाओं, बच्चों और वृद्धोंको भी प्रताडित किया जा रहा है ।
स्थानीय ‘एक्टिविस्ट’ सूरज कुमार सिंहने बताया कि शेख मुमताज कई दिनोंसे बाडीको (किसी झुग्गीमें कुछ घरोंका समूह) रिक्त कराना चाह रहा है । उन्होंने बताया कि रविवार, २८ फरवरीको स्थिति तब बिगड गई, जब शेख मुमताजका पुत्र अपने कई मित्रों और ‘गुंडों’के साथ वहांपर आ धमका और हिन्दुओंको पीट-पीटकर धमकाने लगा ।
दूसरी ओर, यहां रह रहे हिन्दू इस भूमिपर रहनेवाले ६ हिन्दू परिवारोंका कहना है कि यह उनके पूर्वजोंका घर है । उनके पास भूमिके प्रपत्र हैं और उन्होंने न्यायालयमें प्रकरण भी प्रविष्ट करा रखा है, जो अभी विचाराधीन है । इसके पश्चात उनपर मुमताज अपने मित्रोंको लेकर आए दिन आक्रमण करता है ।
      समूचे देशमें ही ‘लैंड-जिहाद’ लव-जिहादकी भांति एक मुख्य समस्या बनता जा रहा है । पिछले वर्ष राष्ट्रवादी पत्रकार सुधीर चौधरीने अपने ‘शो डीएनए’ जब इसपर प्रकाश डाला, तब वामपन्थी मीडिया एवं तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलोंने बहुत कोलाहल किया था । पूरे देशमें राज्य कोई भी हो; परन्तु जिस क्षेत्रमें भी हिन्दू अल्पसंख्यक हैं, वहां उनका जीवन दूभर हो गया है । जिहादी उन्हें व्यथित करते हैं । उत्तर प्रदेशके कैरानामें भी पीडित हिन्दुओंने घर विक्रय करनेकी पट्टिका लगाई थी; परन्तु वर्तमान उदाहरण बंगालका है, जहां ममता बनर्जीके रहते हिन्दुओंको सुरक्षा एवं जिहादियोंके विरुद्ध कार्यवाही होना असम्भव ही लगता है । आशा है कि इसी राज्यकी चुनावी यात्रा कर रहे प्रधानमन्त्री एवं गृहमन्त्री इस घटनाका संज्ञान लेकर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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