मुसलमानने ‘नशे’के लिए मदिराको बनाया विषाक्त, १७२ लोगोंकी मृत्यु होनेपर मिला आजीवन कारावास
०२ अगस्त, २०२१
कोलकाताके न्यायालयने विषाक्त मदिराके एक मुसलमान विक्रेताको आजीवन कारावासका दण्ड दिया है । खोडा बादशाह नामसे प्रसिद्ध नूर इस्लामने, वर्ष २०११ में विषाक्त मदिरा विक्रयकर, १७२ लोगोंको मृत्युकी गोदमें सुला दिया था । इसके साथ ही अनेकों लोगोंकी आंखोंकी दृष्टि भी जाती रही और वे जीवनभरके लिए अन्धे हो गए थे । तीव्र ‘नशे’के लिए मदिरामें विषाक्त रसायनोंका प्रयोग किया गया था । अपने सहयोगियोंके पकडे जानेपर, नूर इस्लामने भी आत्मसमर्पण कर दिया था । बन्दी बनाए गए लोगोंमेंसे, नूरकी पत्नी सहित कुछ लोगोंको स्वतन्त्र कर दिया गया था; किन्तु चार लोगोंको आजीवन कारावास सुनाया गया । ममता बनर्जीके शासनके आरम्भिक कालमें, यह विषाक्त मदिरा काण्ड हुआ था । लोक अभियोजक तमल मुखर्जीके अनुसार, इस आदेशने समाजको एक कठोर सन्देश दिया है ।
धन अर्जन करनेके लिए अपराधी लोग विष विक्रय करते रहेंगे और दण्ड पाते रहेंगे; किन्तु अपराधोंका न तो कभी अन्त हो सकेगा और न ही कोई परिणाम होगा । ऐसे अपराधोंके अन्तके लिए मदिराका उत्पाद ही बन्द करना होगा; जो कि लोकतन्त्रमें असम्भव है; किन्तु केवल हिन्दूराष्ट्रमें ही सम्भव होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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