टीएमसीका राष्ट्रद्रोही कृत्य, बांलादेशी अभिनेता फिरदौससे करवाया चुनाव प्रचार !!


अप्रैल १६, २०१९

गृह मन्त्रालयने पश्चिम बंगालमें तृणमूल कांग्रेसके लिए बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमदके चुनाव प्रचारपर ‘फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन’ कार्यालयसे ब्यौरा मांगा है ।
प्रायः विवादोंमें रहनेवाले बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमदने रायगंज संसदीय क्षेत्रसे टीएमसी उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवालके समर्थनमें रोड शो किया ! रोड शोके पश्चात एक जनसभामें उन्होंने क्षेत्रके लोगोंसे तृणमूलके पक्षमें मतदान करनेको कहा । उत्तर दिनाजपुर जनपदके करणदिघीसे इस्लामपुरके मध्य हुए इस रोड शोमें बांग्लादेशी अभिनेता अहमदके साथ ही ‘टॉलीवुड’ अभिनेता अंकुश और पायल भी थे !

भाजपाने कहा कि चुनाव प्रचारमें किसी विदेशी नागरिकका सम्मिलित होना चुनाव आचार संहिताका उल्लंघन है । इसे लेकर भाजपाने चुनाव आयोगसे तृणमूल कांग्रेसके विरुद्घ परिवाद प्रविष्ट कराई । भाजपाने कहा कि तृणमूलने रायगंज लोकसभा सीटपर अल्पसंख्यक वोटोंको समेकित करनेके लिए बांग्लादेशी अभिनेतासे प्रचार करवाया, जो पूर्ण रूपसे अवैध व आचार संहिताका उल्लंघन है । भाजपाकी ओरसे राज्यके ममता शासनपर लक्ष्य साधते हुए कहा गया कि इस प्रकरणसे एक बार पुनः ममता शासनका बांग्लादेशी प्रेम सार्वजनिक हो गया है ।

भाजपा नेता प्रताप बनर्जीने कहा कि संसदीय क्षेत्रमें अल्पसंख्यक वोटोंको समेकित करनेके लिए ही बांग्लादेशी अभिनेताको यहां चुनाव प्रचारके लिए आमन्त्रित किया गया था, जो आचार संहिताका उल्लंघन है और उक्त प्रकरणकी आयोगमें परिवाद करते हुए पार्टीने त्वरित कार्यवाहीकी मांग की है ।

वहीं, भाजपाके आरोपोंको नकारते करते हुए तृणमूलकी ओरसे कहा कि उन्हें इसमें कुछ अनुचित नहीं दिख रहा ।

 

“तृणमूलको अनुचित दिखेगा कैसे ? जब उसने स्वयं ही बांग्लादेशी घुसपैठियोंको देशमें घुसाया है और तभी बांग्लादेशी अभिनेताको प्रचारके लिए बुलाया है । यह एक गम्भीर और चिन्ताजनक प्रकरण है । यह आचार संहिताका उल्लंघन हो या न हो; परन्तु राष्ट्रद्रोह अवश्य है ! चुनाव आयोगको त्वरित कार्यवाही करते हुए टीएमसीको चुनाव लडनेके अधिकारसे वंचित करना चाहिए और पूछना चाहिए कि अन्ततः किस सम्बन्धसे बांग्लादेशी विवादित अभिनेताको भारतके मतदान प्रचारए लिए बुलाया गया और शासनने भी चौकन्ना होना चाहिए; क्योंकि इस प्रकरणसे प्रतीत हो रहा है कि ममता बंगालको बांलादेश बनानेका प्रयास कर रही है ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जागरण



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