जिसके ‘ट्वीट’पर किया ‘फैक्टचेक’, उसने अनुचित चलचित्र हेतु क्षमा मांगी, लोकसत्ताने गुप्त माध्यमसे सूचनामें किया परिवर्तन
३० अप्रैल, २०२१
मराठी संचार माध्यम संस्थान ‘लोकसत्ता’ने दाभाडकर और उनके परिवारको नीचा दिखाने हेतु ‘rohanrtweets’ नामक ‘ट्विटर हैंडल’के एक बिना पुष्टि किए हुए तथ्यके आधारपर ८५ वर्षीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके नारायण भाऊराव दाभाडकरके बलिदानको झूठा बतानेका प्रयास किया था; परन्तु संचार माध्यमपर लोगोंने सूचनामें हुई चूकोंकी ओर ध्यान दिलाया, तो लोकसत्ताने उस ‘फैक्ट’ सूचनाको परिवर्तित भी कर दिया और अब उस चलचित्रको समाप्त कर दिया और इसमें संघके विदर्भ प्रान्तके ‘कैम्पेन चीफ’ अनिल साम्ब्रेका वक्तव्य जोड दिया कि यह घटना सच्ची है कि नारायण भाऊरावने चिकित्सालयसे विनती की कि उनका ‘बेड’ किसी अन्य व्यक्तिको दे दिया जाए; क्योंकि वे तो अपना जीवन जी चुके हैं और चिकित्सालयने ऐसा ही किया । ‘ट्विटर’पर रोहनने कहा कि उनका ‘ट्वीट’ अनुचित था, जिसके आधारपर ‘लोकसत्ता’ नामक संस्थानने सूचना बनाई । उन्होंने कहा कि वो इस प्रकरणसे दुःखी हैं । उन्होंने नारायण भाऊराव दाभाडकरकी बेटीके वक्तव्यके विषयमें बताते हुए कहा कि उन्होंने सारे तथ्य हटा दिए हैं ।
वामपन्थी प्रसार वाहिनियां प्राय: घटनाकी प्रमाणिकता सिद्ध किए बिना ही अपनी स्वार्थसिद्धि हेतु कांट-छांटकर या परिवर्तितकर हम सबके समक्ष प्रस्तुत करती हैं, जो पूर्णतया अनुचित है; क्योंकि इनकेद्वारा ही समाजको सूचना मिलती है; इसलिए इनका अपराध अक्षम्य मानते हुए इन्हें कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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