राजस्थानके मन्दिरोंपर ध्वनि प्रसारक यन्त्रपर लगाई गई रोक; मस्जिदोंपर नहीं, विधायकने किया परिवाद
२५ मई, २०२१
राजस्थानके सांगानेरके एक विधायक और जयपुरके पूर्व ‘मेयर’ अशोक लाहोटीने पुलिस आयुक्तको पत्र लिखकर परिवाद किया है । इस पत्रमें हिन्दू धर्मस्थलोंपर ध्वनि प्रसारक यन्त्र बलपूर्वक बन्द कराए जानेका कारण पूछा गया है, जब कि मस्जिदोंसे दिनमें पांच बार कोलाहल (शोर) सुनाई देता है । लाहोटीने बताया कि गृहबन्दीमें यह नियम बनाया गया था; किन्तु धर्मके आधारपर भेदभाव होना, क्षेत्र निवासियोंके लिए बडे रोषका कारण है । उन्होंने अन्य धर्मस्थलोंपर भी उच्च ध्वनिद्वारा प्रदूषणपर भी प्रतिबन्ध लगानेके लिए लिखा । लाहोटीने लिखा है कि यदि वहां ध्वनि बन्द नहीं करवाई जा सकती, तो हिन्दू मन्दिरोंमें भी इसका उपयोग आरम्भ कर दिया जाएगा । उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेशमें भी इसी प्रकारके एक प्रकरणपर, जनपदके ‘आईजी’ने कठोर नियमके अन्तर्गत, रात्रि दस बजेसे प्रातः छह बजेतक, उच्चध्वनि प्रसारणपर प्रतिबन्ध लगा दिया था ।
मुख्यमन्त्री गहलोतका व्यवहार पक्षपाती व हिन्दूद्रोही है, यह सर्वविदित है और हो भी क्यों न ? कांग्रेसके कुसंस्कारोंकी छत्रछायामें ही वे रह रहे हैं । सभी हिन्दुत्वनिष्ठ इसका विरोध करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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