‘अजान’ इस्लामका अभिन्न अङ्ग; परन्तु ध्वनिविस्तारक यन्त्र नहीं, प्रयागराज न्यायालयमें याचिका, पुराने निर्णयोंकी समीक्षा
२९ मई, २०२१
प्रयागराज न्यायालय मस्जिद सहित विभिन्न धार्मिक स्थलोंमें ध्वनिविस्तारक यन्त्रपर प्रतिबन्ध लगानेकी मांगको लेकर जनहित याचिकापर शुक्रवार, २८ मई २०२१ को सुनवाई करेगा । अधिवक्ता आशुतोष कुमार शुक्लने यह जनहित याचिका प्रविष्ट की है ।
उन्होंने कहा ‘कोरोना’ सङ्क्रमणके कारण प्रत्येक नागरिक अपने घरपर है । लोग घरसे कार्यालयका कार्य कर रहे हैं । घरसे बच्चोंकी ‘ऑनलाइन’ शिक्षा हो रही है । अधिवक्ता भी घरसे ही ‘वर्चुअल’ सुनवाईद्वारा कार्य कर रहे हैं । ऐसी स्थितिमें अनेक बार ध्वनि विस्तारक यन्त्रके प्रयोगसे मानसिक तनाव हो रहा है । शयन करनेमें विघ्न उत्पन्न हो रहा है । निद्रा अच्छे स्वास्थ्यके लिए आवश्यक है; इसलिए इसपर प्रतिबन्ध लगाया जाए ।
गायक सोनू निगमने भी इसपर आपत्ति प्रकट की थी और मुसलमान समुदायकी दृष्टिमें आ गए थे ।
यह सर्वविदित है । नमाजके समय ५ बार ध्वनिविस्तारक यन्त्रोंके प्रयोगसे अनेक लोगोंके स्वास्थ्यपर प्रतिकूल प्रभाव पडा है; अतः अधिवक्ता आशुतोष कुमारजीको साधुवाद, जो इस प्रकरणके लिए परिवाद प्रविष्ट किया । हम सभीको उनका समर्थनकर इसपर प्रतिबन्ध लगवानेका प्रयास करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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