मां सरस्वतीकी कृपासे प्राप्त वाक्चातुर्यका अपमान करनेसे अगले जन्ममें वाणीसे सम्बन्धित कष्ट होता है !
आजकल लोगोंके मनोरंजन हेतु दूर्दाशन प्रसार वाहिनियोंपर (टीवी चैनल्सपर) ‘फूहड कॉमेडी’के कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जहां कलाकार उपस्थित व्यक्ति या मंचपर आमन्त्रित व्यक्तिका उपहास करते समय उनके मनको ठेस पहुंचनेवाली बातें कहते हैं । वस्तुत: अध्यात्म व धर्मकी शिक्षा न मिलनेके कारण, ऐसे लोगोंको यह ज्ञात नहीं होता है कि उनके इस वर्तनके कारण उन्हें धन तो मिलता है; किन्तु इससे उनसे पापकर्म निर्माण होता है एवं यह व्यासपीठकी भी एक प्रकारसे अवमानना होती है ।
मां सरस्वतीकी कृपासे प्राप्त वाक्चातुर्यका ये अपमान करते हैं, जिसके फलस्वरूप उन्हें अगले किसी जन्ममें वाणीसे सम्बन्धित कष्ट होता है या इस कर्ममें मन व बुद्धिका भी उपयोग होनेके कारण उन्हें मन्दबुद्धिवाले व्यक्तिके रूपमें भी जन्म मिल सकता है । यह सब न होता, यदि इस देशमें लोगोंको धर्म व कर्मके सिद्धान्त सिखाए गए होते ।
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