छेडखानी व दुष्कर्मके प्रयासके आरोपीको मूढतापूर्ण प्रदानकी गई प्रतिभूति
२३ सितम्बर, २०२१
बिहारके मधुबनी जनपदके झंझारपुरके एक न्यायालयने छेडखानी व दुष्कर्मके आरोपीको एक ऐसे अनुबन्धपर प्रतिभूति प्रदान की है, जो चर्चाका विषय बन गई है । न्यायालयने आरोपीको ६ माहतक गांवकी प्रत्येक महिलाके वस्त्र धोने व ‘इस्त्री’कर उन्हें घर-घर जाकर लौटानेका आदेश दिया है । वहीं ऐसा न करनेपर आरोपीकी प्रतिभूतिको निरस्तकर उसे पुनः कारागृह भेजे जानेके विषयमें कहा है । वहीं न्यायालयका कहना है कि उसका यह आदेश आरोपीके मनमें महिलाओंके प्रति सम्मान जगाने हेतु है । समाचारके अनुसार ‘एडीजे’ अवनीश कुमारके न्यायालयने इस अनुबन्धके साथ यह प्रतिभूति प्रदान की है २० वर्षीय ललन कुमार, जिसे इस वर्ष १९ अप्रैल २०२१ को बन्दी बनाया गया है, अवश्य ही इसे पूर्ण करेगा । ललनका व्यवसाय धोबीका होनेके कारण ही उसको यह दण्ड प्रदान किया गया है । आरोपीपर १७ अप्रैल, २०२१ की रात्रिमें गांवकी एक महिलाके साथ छेडखानी व दुष्कर्मके प्रयासका आरोप है ।
आरोपी यदि श्मशानका चाण्डाल होता तो ये न्यायाधीश महोदय क्या करते ? दूसरा, क्या यह निश्चित है कि उक्त आरोपी ऐसे दण्ड उपरान्त व्यक्ति इस प्रकारका कुकर्म पुनः नहीं करेगा ? इस विषयमें कुछ भी स्पष्ट रूपसे नहीं कहा जा सकता । आरोपियोंको कठोर दण्ड देकर ही उनके द्वारा किए पापका आभास कराया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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