अक्तूबर १४, २०१८
मध्य प्रदेशमें ‘एट्रोसिटी एक्ट’ और पदोन्नतिमें (प्रमोशनमें) आरक्षणके विरुद्घ लोगोंका क्रोध राजधानी भोपालमें भी देखनेको मिल रहा है । रविवारको भोपालके भरत नगरमें लोगोंने घरोंके बाहर विज्ञापन पट (पोस्टर) लगाएं हैं कि नेता वोट मांगने सामान्य वर्गके लोगोंके घर ना आएं !
भरत नगरमें घरोंके बाहर लगे विज्ञापन पटपर लिखा है कि ‘मैं सामान्य वर्गसे हूं, कोई भी राजनैतिक दल वोट मांगकर लज्जित ना करे !’ इसके साथ ही अन्तमें लाल रंगसे लिखा है ‘VOTE FOR NOTA’ !
बता दें कि गत ६ सितम्बरको मध्य प्रदेश सहित देश भरमें सवर्ण आन्दोलन हुआ था और ३० सितम्बरको राजधानी भोपालके कलियासोत क्षेत्रमें सवर्णोंकी एक बडी सभा भी हुई थी । इसके पश्चात सामान्य, पिछडा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण समाजने (सपाक्स) आंदोलन से आगे बढते हुए राजनीतिक दल भी बना लिया था । इसके पश्चात अब घरोंके बाहर लगे पटने राजनीतिक दलोंके समक्ष मुश्किलें खडी कर दी हैं ।
जब स्थानीय लोगोंसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि जातिगत आधारपर आरक्षण और ‘एट्रोसिटी एक्ट’पर उच्चतम न्यायालयके निर्णयके साथ हैं । एक स्थानीय निवासीने बताया कि उन्होंने अपने घरपर यह इसलिए लगाए क्योंकि वो स्वयं पीडित हैं और उनके कार्यालयमें उनसे पश्चात आया कर्मचारी आज उनसे ऊपरके पदपर काम कर रहा है !
“राजनेताओंने इस राष्ट्रकी क्या दुर्दशा की है कि हिन्दू ही आपसमें विभाजित हो लडते हैं, यह देख हृदय क्रन्दन करता है, अतः अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अनिवार्य है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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