मध्य प्रदेशमें जिहादीने किया अपनी हिन्दू पत्नीको धर्म परिवर्तन व गोमांस खानेको विवश


१० जुलाई, २०२१
           मध्य प्रदेशके छतरपुरमें एक ऐसा प्रकरण सामने आया है, जो बताने के लिए पर्याप्त है कि ‘लव जिहाद’ कितना सुनियोजित और इसका उद्देश्य कितना घातक है । छतरपुरमें तालिबने हिन्दू बनकर एक लडकीसे विवाह किया । उसके पश्चात तालिब और उसका परिवार लडकीपर इस्लाममें धर्मान्तरण करने, गोमांस भक्षण और उर्दू सीखनेके लिए दबाव बनाने लगा । जब युवती नहीं मानी, तो उसे क्रूरतापूर्वक प्रताडित किया गया और अन्तत: उसकी हत्या कर दी गई । युवतीके पिताने छतरपुरके पुलिस अधीक्षकसे इस प्रकरणमें हस्तक्षेप करनेका आग्रह किया, उसके पश्चात ‘पुलिस’ सक्रिय हुई है । उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व उनकी बेटीने दूरभाषकर अपने प्राण बचानेकी विनती (गुहार) की थी; किन्तु जबतक वे पहुंचते, तबतक उसकी हत्या कर दी गई थी । जब आगे वे बेटीके ससुराल गए तो ज्ञात हुआ कि घरमें ताला बन्दकर सभी लोग भाग गए हैं । ‘मोहल्ले’के लोगों उनकी बेटीकी हत्या होनेकी पुष्टि की ।
           किशोरी लालने इस प्रकरणमें ‘पुलिस’पर असतर्कताका भी आरोप लगाया है । उन्होंने बताया कि वह गत दो दिवससे सिविल लाइनके ‘टीआई’ राजेश बंजारीसे इस प्रकरणमें सहायता मांग रहे हैं, किन्तु वह शान्त बने रहे । किसीने उनकी सहायता नहीं की । अन्तत: उन्हें ‘पुलिस’ अधीक्षकके कार्यालयमें आवेदन देना पडा, जिसके पश्चात पुलिस सक्रिय हुई ।
          उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेशमें ‘लव जिहाद’से सम्बन्धित विधान इसी वर्ष मार्चमें लाया गया था । इस विधानके विवाह अथवा किसी अन्य कपटपूर्ण रूपसे किए या कराए गए धर्मान्तरणके प्रकरणमें अधिकतम १० वर्ष बन्दी एवं कठोर अर्थ दण्डका प्रावधान किया गया है ।
        केवल ‘लव जिहाद’के विरुद्ध कठोर विधान बनाना स्त्रियोंकी सुरक्षाको पूर्णरूपसे सुनिश्चित नहीं कर सकता । ‘लव जिहाद’के पश्चात तीव्र प्रताडनाके ऐसे असंख्य प्रकरण हैं, जो न तो समाचारमें आते हैं और न ही उनपर भयवश प्रतिवाद प्रविष्ट किए जाते हैं और कुछको ‘पुलिस’ नहीं सामने आने देती, जैसा कि इस प्रकरणमें हुआ है । लव जिहादकर, किसीका जीवन नष्ट करनेपर मृत्युदण्डका प्रावधान होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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