मध्य प्रदेश विधानसभामें पारित हुआ धार्मिक स्वतन्त्रता विधेयक, शिवराज शासनने बनाया ‘लव जिहाद’ रोकनेका कडा विधान


०९ मार्च, २०२१
     मध्य प्रदेश विधानसभामें ‘मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतन्त्रता विधेयक-२०२१’ सोमवार, ८ मार्चको पारित हो गया । विधेयकमें विवाह तथा किसी अन्य कपटपूर्ण ढंगसे किए गए धर्मान्तरणके प्रकरणमें अधिकतम १० वर्ष कारावास एवं १ लाख रुपए दण्डका प्रावधान किया गया है । मध्य प्रदेशकी राज्यपाल आनंदीबेन पटेलकी स्वीकृति मिलनेपर यह विधेयक  ९ जनवरीको अधिसूचित ‘मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतन्त्रता अध्यादेश-२०२०’का स्थान लेगा । प्रदेशके गृहमन्त्री नरोत्तम मिश्रने एक मार्चको इस विधेयकको सदनमें प्रस्तुत किया था और सोमवारको चर्चाके पश्चात इसे ध्वनि मतसे पारित कर दिया गया ।
      उत्तर प्रदेशमें योगीराजमें सर्वप्रथम इस विधेयकको सर्वसम्मतिसे लागू किया जाना और अब मध्य प्रदेश विधानसभामें यह विधेयक पारित होना यह दर्शाता है कि अब हिन्दुओंका दबाव शासनपर कार्य कर रहा है । सभी हिन्दुओंको संगठित होकर शासनसे इस विधेयकको सम्पूर्ण राष्ट्रमें लागू करनेके लिए मांग करनी होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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