महाराष्ट्रमें विरोधके पश्चात परिवर्तित हुआ अजित पवारकी ‘सोशल मीडिया’पर छवि परिवर्तित करनेके व्यय वहनका निर्णय
१३ मई, २०२१
महाराष्ट्र शासनके उपमुख्यमन्त्री और वित्तमन्त्री अजित पवारद्वारा ‘सोशल मीडिया’पर अपनी छवि सुधारनेके लिए शासकीय धनराशिसे एक निजी संस्थाको ६ करोड रुपएकी धनराशि देनेकी घोषणा की गई थी । प्रदेशमें विपक्षी दल भाजपा तथा जनताद्वारा आलोचनाके उपरान्त इस निर्णयको परिवर्तित किया गया है ।
आदेशके अनुसार, एक निजी संस्थाको अजित पवारके ‘सोशल मीडिया’ जैसे ‘ट्विटर’, ‘फेसबुक’, ‘ब्लॉग’, ‘यूट्यूब’ तथा ‘इंस्टाग्राम’ जैसे खाते सम्भालनेका कार्य दिया जाना था । इसमें अजित पवारका ‘साउंडक्लाउड अकाउंट’, ‘व्हाट्सएप बुलेटिन’ तथा ‘टेलीग्रामका चैनल’ भी सम्मिलित था ।
महाराष्ट्र शासनके इस निर्णयकी जनताद्वारा भारी स्तरपर आलोचना की गई । भाजपा विधायक राम कदमने ‘ट्वीट’ करते हुए इस निर्णयका विरोध किया । उन्होंने कहा कि जब महाराष्ट्र शासनके पास कोरोनाके टीकोंके लिए राशि नहीं है, तो स्वयंकी प्रशंसा करानेके लिए व्यय करनेके लिए करोडों रुपएकी राशि कहांसे आ रही है ?
यह अत्यन्त लज्जाजनक है कि नेताओंके पास लोगोंकी सेवा तथा राष्ट्रसेवा हेतु धन नहीं है; किन्तु स्वयंके व्ययके लिए राशि है ! इस प्रकारका विचार करनेवाला व्यक्ति किसी सार्वजनिक पदपर रहनेके योग्य नहीं है । इन्हें तत्काल पदच्युत किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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