महिला सरपञ्चके शान्तिपूर्ण प्रदर्शनपर राजस्थान ‘पुलिस’ने चलाई लाठी, अनेक हुए चोटिल


०६ जुलाई, २०२१
      राजस्थानके बीकानेरमें ‘पुलिस’की बर्बरताका एक नवीन रूप सामने आया है । वहां जनपदसे लगभग ३५ किलोमीटर दूर गजनेरमें एक गोचर भूमिकी रक्षा करनेके लिए सत्याग्रहपर बैठी महिला सरपञ्च और उनके समर्थकोंपर ‘लाठीचार्ज’का प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । ‘पुलिस”की कार्यवाहीमें कई ग्रामीण चोटिल हुए, जिसके क्रोधमें उनकी (ग्रामीणोंकी) ओरसे भी पथराव हुआ । दोनों ओरसे प्रकरणको बढता देख क्षेत्रमें अधिक ‘पुलिस’ बल बुलाकर नियुक्ति की गई है ।
      दैनिक भास्कर विवरणके अनुसार, गजनेरमें एक गोचर भूमि है, जहां नपाई न होनेके कारण यह स्पष्ट नहीं है कि गोचर भूमि कितनी है और शासकीय भूमि कितनी है ? ऐसेमें वहांकी सरपञ्च गीता हकुम्हार गजनेरमें आन्दोलनपर हैं । वह २०० दिनोंसे अपने समर्थकोंके साथ सत्याग्रहपर बैठी हैं; किन्तु प्रशासन उनकी सुनवाई करनेको सज्ज नहीं है ।
    सोमवार, ५ जुलाईको प्रकरणके सम्बन्धमें ‘तहसीलदार’ और सरपञ्चकी वार्ता भी हुई; परन्तु कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तत्पश्चात, मङ्गलवार ६ जुलाई, को जब प्रशासनसे बात मनवानेके लिए विरोधके लिए विपणि (बाजार) बन्द की गई और प्रदर्शनकारी प्रदर्शनस्थलपर बैठे दिखे, तो ‘पुलिस’ने अपनी कार्यवाही की ।
     ग्रामीण ‘पुलिस’की ‘लाठीचार्ज’का विरोध कर रहे हैं । उनका आरोप है कि वह लोग २०० दिवससे शान्तिपूर्ण ढंगसे सत्याग्रह दे रहे थे; परन्तु इस सत्याग्रहका निष्कर्ष नहीं निकाल पानेवाले अधिकारियोंके सङ्केतपर आज पुलिसने ‘लाठीचार्ज’ किया । उनके अनुसार घटनास्थलपर आन्दोलनकारी अल्प थे और ‘पुलिस’ लठ चलानेवाले कर्मियोंकी सङ्ख्या अधिक थी । घटनास्थलपर महिला ‘पुलिसकर्मी’ भी उपस्थित थीं । सबने प्रदर्शनकारियोंपर लाठी चलाई  ।
        यदि यही प्रदर्शन जिहादी करते, तो उनका सहृदय कांग्रेस शासन अवश्य सुनता; परन्तु यहां लोगोंपर लाठियां चलाई जा रही हैं । जो जनताको समझ नहीं सकते हैं, वे क्या शासन करेंगे ‌। नारीवादकी बातें करनेवाले महिला सरपंचपर लाठियां चलवाते हैं, ऐसे लोग केवल ढोंग कर सकते हैं, शासन नहीं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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