सितम्बर ४, २०१८
वर्ष २००८ के मालेगांव विस्फोट प्रकरणमें उच्चतम न्यायालयने लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकान्त पुरोहितके कथित अपहरण और यातना देनेके प्रकरणमें ‘एसआईटी’ जांच करानेकी उनकी याचिकापर विचार करने से मना कर दिया । न्यायालयने कहा कि पुरोहितकी याचिकापर इस समय विचार करनेसे मालेगांव विस्फोटके अभियोगपर प्रभाव पड सकता है । न्यायालयने पुरोहित से इस प्रकरणको निचली न्यायालयमें उठानेको कहा ।
पुरोहितकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वेने कहा कि इस याचिकामें उठाये गए मुद्दोंपर ध्यान देनेकी आवश्यकता है, परन्तु पीठने उनसे कहा कि इन्हें निचली न्यायालयके समक्ष उठाया जाए । इससे पूर्व बॉम्बे उच्च न्यायालयने कर्नल पुरोहित एवं अन्यकी याचिकाको नकार दिया था । पुरोहितने न्यायालयकी ओर से आरोप निर्धारित किए जाने पर रोक लगानेकी मांग की थी । उच्च न्यायालयने कहा कि ‘अवैधानिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम’के अन्तर्गत आरोपोंपर निचले न्यायालयकी ओर से ही निर्णय लिया जाएगा ।
कर्नल पुरोहितको गत वर्ष मालेगांव विस्फोट प्रकरणमें उच्चतम न्यायालयने जमानत दी थी । पुरोहित गत ९ वर्षों से कारावासमें थे ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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