ममताने शान्तिके निवेदनका प्रपञ्चकर अपने कार्यकर्ताओंको भडकाया, गृहमन्त्रालयने मांगा हिंसापर प्रतिवेदन
०४ मई, २०२१
विधानसभा चुनावमें ‘टीएमसी’की जीतके पश्चात पश्चिम बंगालमें कई स्थानोंसे हिंसाके समाचार आ रहे हैं । ममता बनर्जीने कहा, “मैं सभीसे शान्ति बनाए रखने एवं किसी भी हिंसामें सम्मिलित नहीं होनेका आग्रह करती हूं । हम जानते हैं कि ‘भाजपा’ एवं ‘केन्द्रीय बलों’ने हमें अधिक प्रताडित किया है; परन्तु हमें शान्ति बनाए रखना है ।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं मात्र एक ‘स्ट्रीट फाइटर’ हूं । मैं लोगोंको प्रोत्साहन दे सकती हूं, जिससे हम ‘भाजपा’के विरुद्ध लड सकें । एक अकेला सब कुछ नहीं कर सकता, मुझे लगता है कि हम सब एकजुट होकर २०२४ की लडाई लड सकते हैं ।”
पश्चिम बंगाल हिंसाकी घटनापर केन्द्रीय गृह मन्त्रालयने राज्य शासनसे प्रतिवेदन मांगा है । भाजपाका आरोप है कि चुनाव परिणाम आनेके २४ घण्टेमें ही भाजपाके ६ कार्यकर्ताओंकी हत्या कर दी गई है ।
अपने कार्यकर्ताओंको अप्रत्यक्ष रूपसे हिंसाके लिए भडकानेवाली ममता बनर्जीको बन्दी बनाकर, उनपर राष्ट्रद्रोहका प्रकरण चलाया जाना चाहिए । बंगाल भारतका एक महत्त्वपूर्ण भाग है और इसे, विसंगतियोंसे भरे लोकतन्त्रके नामपर विनष्ट नहीं होने देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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