अगस्त २, २०१८
‘एनआरसी’के राजनीतिक उठापटकमें गृहयुद्धकी चेतावनी देनेवाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अपने इस कथनसे अब पलट गई हैं । माना जा रहा है कि इस टिप्पणीपर भाजपाकी आक्रामक राजनीतिक आक्रमणकी तैयारीकी आशंकाको भांपते हुए ममता गृहयुद्धकी बातसे पलटनेको विवश हुई हैं ।
टीएमसी प्रमुखकी गृहयुद्ध सम्बन्धी टिप्पणीपर भाजपाने जिस प्रकारका राजनीतिक आक्रमण किया उसके पश्चात ममताको पश्चिम बंगालमें इसके राजनीतिक हानिकी आशंका विचलित करने लगी है; इसीलिए दीदीने दिल्लीमें देर शाम बिना देरी किए स्पष्टीकरण दिया कि गृहयुद्ध वाली टिप्पणी उन्होंने नहींकी है और वे भाजपाकी चाकर नहीं कि उनके प्रत्येक प्रश्नका उत्तर दें !
उन्होंने कहा कि उनकी चिन्ता ४० लाख लोगोंकी है, जिनका नाम ‘एनआरसी’की सूचीमें नहीं है । गृहयुद्ध वाले वक्तव्यपर अपना स्पष्टीकरण देनेके मध्य दीदीने यह भी कहा कि भाजपा २०१९ में सत्तामें नहीं आ रही और इसीलिए वह राजनीतिक रुपसे उग्र है ।
पश्चिम बंगालमें गृहयुद्ध वाली टिप्पणीके विरुद्ध भाजपाके प्रत्युत्तरके राजनीतिक लाभ-हानिका आंकलन कर दीदी अपनी बातसे अवश्य पलट गई, परन्तु वास्तवमें दीदीने दिल्ली आनेसे पूर्व कोलकाताकी संयुक्त समाचार वार्तामें (प्रेस कांफ्रेंसमें) और बुधवारको संसद भवनमें पत्रकारोंसे वार्तालापके मध्य ‘एनआरसी’पर गृहयुद्धकी आशंका प्रकट की थी ।
माना जा रहा है कि कांग्रेस नेताओंने भी दीदीसे हुई अपनी भेंटके समय ‘एनआरसी’पर भाजपाके राजनीतिक दांवसे बचनेकी दीदीको परामर्श दिया । कांग्रेसकी चिन्ता इस बातको लेकर है कि ममताकी ‘एनआरसी’पर आक्रामकतासे भाजपाको इस प्रकरणपर देशव्यापी सियासी ध्रुवीकरणका अवसर मिल सकता है; इसीलिए कांग्रेस ‘एनआरसी’पर सतर्क और संयम प्रतिक्रिया देते हुए प्रभावित लोगोंके साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनानेकी बात कह रही है ।
स्रोत : दैनिक जागरण
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