किसान आन्दोलनके वीडियोका विरोध करनेपर चाकरीसे हटा दिया गया उप-प्रधानाचार्य


११ दिसम्बर, २०२०

उत्तर प्रदेशके विजयपाल सिंह कजरीको अपनी चाकरीसे (नौकरीसे) हाथ धोना पडा । विजयपाल सिंह १८ वर्षोंसे एक निजी पाठशालामें उप-प्रधानाचार्यके पदपर सेवारत था । यह पाठशाला सिख समुदायद्वारा सञ्चालित है । एक वीडियो, जिसमें कहा गया था कि इन्दिरा गांधीको ठोक दिया, मोदीको भी ठोकेंगे….! इसपर टिप्पणी करनेका उसे दण्ड दिया गया । विजयपालने चेतावनी दी थी कि इस प्रकार हत्याकी धमकी सार्वजनिक रूपसे नहीं देनी चाहिए; किन्तु इसका प्रभाव विपरीत ही पडा । उपद्रवियों और स्थानीय विरोधी तत्वोंने उसे प्रताडित करनेवाले धमकी भरे दूरभाष किए । इस विद्यालयका संचालन सिख समुदाय करता है और उसे भिन्न समुदायका बताकर प्रताडित किया जाता रहा है । पाठशालामें ले जाकर उससे बलपूर्वक क्षमा याचना करवाई गई, जिसका कुछ लोगोंद्वारा वीडियो बनाकर ‘सोशल मीडिया’पर सांझा भी किया गया । बलपूर्वक क्षमा याचना लिखवाकर उसे विजयपालके दूरभाष मोबाईलसे ही साझा किया गया । जबतक उनका मन नहीं भरा, तो कई घण्टोंतक उसे बन्धक बनाए रखा और प्रताडितकर उससे त्यागपत्र लिखवाया गया ।
विजयपालने बताया कि महामारीके मध्य भी उसने बिना वेतनके सेवा दी; किन्तु अब वह बहुत भयभीत है । उसके दो छोटे बच्चे हैं और मां मधुमेहसे ग्रस्त है । उसके साथ कुछ भी अनहोनी होनेपर, उसके परिवारका क्या होगा ? उसने बताया कि आत्महत्याके अतिरिक्त उसके पास कोई विकल्प नहीं रहा । सिख समुदाय उसे सदासे ही भिन्न समुदायका मानते हैं । विजयपालने कहा, “इन्द्रगांधीकी हत्याकी बात कोई और कर रहा है और दोष मुझे दिया जा रहा है । देश-विदेशसे धमकी भरे सन्देश मुझे भेजे जा रहे हैं । मुझे समझमें नहीं आ रहा कि कैसे जीऊं ?, क्या हिन्दू होना अपराध है ।”

         उप प्रधानाचार्यने उचित ही कहा है । आज हिन्दू होना अपराध ही हो गया है । विचित्र है कि जिस ‘खालसा’को धर्मरक्षा हेतु बनाया गया था, आज उसीके तले कुछ राष्ट्रविरोधी तत्त्व पनप रहे हैं, जो इस देशके लिए घातक है । ये न केवल सिखोंको व खालसाको, वरन समूचे देशको अपमानित कर रहे हैं, इनपर नियन्त्रण अत्यावश्यक है । शीघ्र ही ऐसे निधर्मियोंका अन्त होगा और हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution