देवालयमें तोडफोड और पुजारीकी पिटाईके पश्चात बरेलीमें साम्प्रदायिक तनाव !


जुलाई ४, २०१८

प्रान्तकी आंवला उपनगर क्षेत्रके रइटुइया ग्राममें चार व्यक्तियोंने एक मन्दिरके पुजारीकी कथित रूपसे पिटाई कर दी और मन्दिरकी प्रतिमाएं तोड दी, जिसके बाद वहां साम्प्रदायिक तनाव फैल गया ! जिलाधिकारी वीरेन्द्र कुमार सिंहने बताया कि चार आरोपियोंमेंसे तीनको रातको बन्दी बनाया गया और क्षतिग्रस्त प्रतिमाओंको हटा दिया गया है । उन्होंने बताया कि नूतन प्रतिमाएं स्थापित करनेकी प्रक्रिया आरम्भ हो गई है ।

पुलिसने बताया कि गत रात्रि पुजारी अनिल पण्डित मन्दिरकी स्वच्छता कर रहे थे, उसी समय चार व्यक्ति (हसनैन, नदीम, मसीम और फिरासत) नशेकी अवस्थामें वहां आए और उन्होंने पुजारीको पीटा ! इन लोगोंने मन्दिरकी प्रतिमाओंको भी क्षतिग्रस्त कर दिया ! उन्होंने बताया कि अनिल किसी तरह वहांसे निकला और गांव पहुंचा ।
प्रकरणको लेकर दो प्रतिद्वन्द्वी गुटोंमें भी टकराव हो गया । बरेलीके जिलाधिकारी वीरेन्द्र कुमार सिंहने बताया कि रात्रिमें तीन दोषियोंको बन्दी बना लिया गया, जबकि एककी खोज आरम्भ कर दी है । गांवमें अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है । गांवमें स्थिति सामान्य है । ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी कई बार मन्दिरोंमें तोडफोडके प्रकरण आए हैं । इससे पूर्व मईके माहमें राजस्थानके पुष्करमें स्थित ‘ब्रह्मा’के मन्दिरके पुजारीपर भी एकने प्रहार किया था । इस प्रकरणका एक ‘वीडियो’ भी सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति पुजारीको शस्त्रसे पीटता हुआ दिखाई दे रहा था । पुजारी किसी तरह जैसे ही स्वयंको बचानेका प्रयास करता है तो वह फिर से उसे पीटता है ! वह व्यक्ति मन्दिरमें आने वाले लोगोंपर भी प्रहार करता है; यद्यपि बादमें लोगोंद्वारा परिवाद देनेपर उस व्यक्तिको बन्दी बना लिया गया था ।

स्रोत : जनसत्ता



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution