कल हमने खाद्य खुम्बीके (मशरूमके) लाभोंके विषयमें जाना था, आज हम इससे होनेवाले कुछ अन्य लाभ व सावधानियोंके विषयमें जानेंगें –
* निम्न रक्तचापके लिए – विभिन्न प्रकारकी खुम्बियोंके अध्ययनमें, जिनमें ‘शिटिक’ और ‘मैटेक’ आदि सम्मिलित हैं, ज्ञात हुआ है कि उनमें ‘पोटैशियम’की मात्रा अधिक पाई जाती है । ‘पोटैशियम’ रक्त वाहिकाओंमें एक वाहिका-विस्फारकके (वैसोडीलेटरके) रूपमें कार्य करता है, जो तनावको अल्पकर वाहिकाओंको विश्राम देता है, उच्च रक्तचाप विशेष रूपसे हृदयाघातसे जुडा है; इसलिए खुम्बीका नियमित सेवन करनेसे हम ऐसे भयावह रोगोंसे बच सकते हैं ।
* अस्थियोंके लिए – खुम्बीमें ‘कैल्शियम’ पर्याप्त मात्रामें होता है, जो अस्थियोंको (हड्डियोंको) सशक्त करनेमें और गठनमें सहायता करता है । इसप्रकार आहारमें खुम्बीको सम्मिलित करनेसे आवश्यक ‘कैल्शियम’ प्राप्त हो जाता है । साथ ही, इससे ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ और अस्थियोंके ह्रासकी गतिसे सम्बन्धित अन्य रोगों और जोडोंकी वेदना आदिमें लाभ मिलता है ।
* कुपोषणमें – खुम्बीमें उपस्थित वसा, ‘प्रोटीन’, ‘विटामिन’ और ‘कार्बोहाइड्रेट’ आदि शरीरका पोषण तो करते ही हैं, साथमें, इसमें वे पोषक तत्त्वभी मिलते हैं जो अन्यत्र नहीं मिलते । इसप्रकार कुपोषणसे लडनेके लिए खुम्बी एक उत्तम विकल्प है ।
* सूजनको रोकनेमें – खुम्बी एक शक्तिशाली आक्सीकरण-रोधी (एंटी ऑक्सीडेंट) होता है, जिसे ‘एर्गोथोनिन’ कहा जाता है और जो सूजनको रोकनेमें सहायक है । एक विशेष प्रकारकी खुम्बी, जिसे ‘रीशी मशरूम’के रूपमें जाना जाता है, वह रोगोंसे लडनेमें सहायता करता है और ‘ट्यूमर’की वृद्धि और प्रत्यूर्जता (एलर्जी) प्रतिक्रियाओंको अल्प करता है ।
* चयापचयको (मेटाबॉलिज्मको) ठीक करनेमें – खुम्बीमें ‘विटामिन-बी’ पाया जाता है, जो भोजनको शर्करामें परिवर्तितकर ऊर्जा उत्पन्न करता है और ‘विटामिन-बी२ और बी३’ चयापचयको ठीक करते हैं ।
* हृदयके लिए – खुम्बीमें ‘फाइबर’, ‘विटामिन सी’ और ‘पोटैशियम’ होते हैं, जो हृदय रोगोंको रोकनेमें सहायता करते हैं, मशरूममें ‘पोटैशियम’की मात्रा अधिक और ‘सोडियम’की मात्रा अत्यल्प होती है, यह संयोजन रक्तचापको न्यून करनेमें सहायता करता है । यह उच्च रक्तचाप और हृदयसे सम्बन्धित रोगोंको रोकनेमें प्रभावी होता है ।
सावधानियां –
१. खाद्य खुम्बी और जंगली मशरूममें कोई अधिक भेद नहीं होता है; इसलिए इनमें भेद करना सरल नहीं होता । यदि हमारेद्वारा जंगली मशरूमका सेवन कर लिया जाए तो यह हमारे लिए बहुत घातक हो सकता है । जंगली मशरूम हमारे लिए अनेक रोगोंका कारण बन सकता है और यह किसीकी मृत्युका कारण भी बन सकता है । जंगली मशरूम गठिया, ‘ल्यूपस’, श्वासरोग जैसे कई रोगोंको आमन्त्रण दे सकता है; अतः यह सभीको ज्ञात होना चाहिए कि सभी मशरूम खाने योग्य नहीं होता है और कुछको अधिक विषैली श्रेणीमें रखा गया है ।
२. खुम्बीका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए, अन्यथा यह प्रत्यूर्जताको (एलर्जीको) आमन्त्रण देती है !
३. कच्ची खुम्बीका सेवन कदापि नहीं करना चाहिए ।
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