अक्तूबर २९, २०१८
राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रकरणपर भी पुलिस और उसकी देशकी प्राथमिक गुप्तचर विभाग कितने लापरवाह है, इसका प्रमाण मथुरा जनपदमें पिछले दिनों हुई एक घटना है, जिसमें एक धार्मिक आयोजनमें लगे मेलेमें खुलेआम ‘आई लव पाकिस्तान’ लिखे और पाकिस्तानके झंडे छपे गुब्बारे विक्रय किए गए, लेकिन घटनाके आठ दिवस पश्चात् भी पुलिस जांच किए जानेकी बात कह रही है ।
प्रकरण जनपदके थाना कोसीकलामें विगत २१ अक्टूबरको लगे भरत मिलाप मेलेकी है । मेलेमें लगे दुकानोंमें से एक दुकानपर ‘आई लव पाकिस्तान’ और पाकिस्तानके ध्वज छपे गुब्बारे विक्रय किए जा रहे थे ! सूत्रोंके अनुसार मेलेमें सम्मिलित लोगोंने पहले तो ध्यान नहीं दिया, परन्तु जब कई लोगोंकी दृष्टि इस बात पर गई तो उन्होनें इसकी सूचना थानेको दी । इतने गम्भीर प्रकरणको भी पुलिसने लापरवाहीसे लेते हुए तुरन्त घटना स्थलपर नहीं पहुंची और जब तक वे मेलेमें पहुचंते और गुब्बारे विक्रय करने वाला भाग गया ! फिलहाल पुलिसने प्रकरणको अज्ञातके विरूद्व प्रविष्ट कर अपने कर्तव्योंकी इतिश्री समझ ली !
अब प्रश्न यह उठता है कि क्या मेंलेमें लगने वाले दुकानोंकी अनुमति प्रशासनसे ली गई थी या नहीं, नियमता तो अनुमति लेनी और देनी चाहिए । यदि अनुमति जैसी कोई प्रक्रिया नहीं निभाई गई तो क्यों, यदि अनुमति ली गई थी तो फिर अज्ञातके विरूद्व प्राथमिकी क्यों प्रविष्ट की गई । यदि इसप्रकारके गुब्बारें बने और विक्रय किए जा रहे थे तो स्थानीय गुप्तचर विभाग क्या सो रहा था ! सामाजिक प्रसार माध्यमके अनुसार जहांसे ये गुब्बारे क्रय किए गए, उस दुकानका चित्र भी प्रसारित हो रहा है । फिर अभी तक पुलिस गुब्बारे विक्रय करनेवाले तक क्यों नहीं पहुंच पाई ? इसप्रकार के अनेकों प्रश्न है, जो पुलिस ओैर स्थानीय गुप्तचर विभागके नकारेपनपर प्रकाश डालते है ।
“जब इसप्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रकरणपर धार्मिक स्थलकी पुलिस इतनी लापरवाह होगी तो राष्ट्रकी व धार्मिक स्थलकी, जहां विश्वभरसे लोग आते हैं, सुरक्षा कैसे होगी ?, इसपर सभी विचार करें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : समाचखर वार्ता
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