कोरोना’ प्रबन्धन हेतु मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथका अनुगामी हुआ ‘हार्वर्ड’ विश्वविद्यालय, विश्वको सीखनेका परामर्श दिया
०९ अप्रैल, २०२१
देशभरमें ‘कोरोना’ विषाणुके ताण्डवके मध्य जनसङ्ख्याकी दृष्टिमें देशका विशालतम राज्य होनेपर भी उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ शासनने ‘कोरोना’का सर्वोत्तम प्रबन्धनकर विश्वके समक्ष आदर्श प्रस्तुत किया है ।
सङ्क्रमण काल और लॉकडाउन’के मध्य प्रवासियोंकी प्रदेश ‘वापसी’ सकुशल रूपसे करानेके कार्योंकी प्रशंसा विदेशोंसे भी होने लगी है । मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके इसी कुशल प्रबन्धनकी प्रशंसा अमेरिकाके ‘हार्वर्ड’ विश्वविद्यालयने की है । विश्वविद्यालयने सङ्कटके इस समयमें प्रवासियोंकी घर ‘वापसी’के साथ उनको समायोजित करनेके प्रबन्धनपर अध्ययन किया ।
विश्वविद्यालयने अपने अध्ययनमें दर्शाया है कि ‘कोरोना’ सङ्कट कालमें भी मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने शासनके प्रत्येक कर्मचारीसे उत्तम प्रकारसे कार्य करवाया । अध्ययनमें पाया गया है कि ‘कोरोना’ कालमें भी सभी कार्योंको उत्तम प्रकारसे परिणामकारक करनेपर ध्यान लगाया गया । जब सङ्क्रमणसे समस्त विश्व उद्विग्न था, तो योगी आदित्यनाथके शासनने सभी चुनौतियोंको सहर्ष स्वीकारनेके साथ ही प्रत्येक नागरिकको इस सङ्कटसे मुक्ति हेतु कार्य किया । शासनने प्रवासियोंको परिवहन सुविधा देनेके साथ ही उन्हें ‘राशन किट’ भी वितरित किए । दैनिक वेतन भोगी श्रमिकोंको निःशुल्क ‘राशन’ देनेके साथ ही उनके कौशलके अनुसार घरमें ही उन्हें ‘रोजगार’ भी उपलब्ध कराया ।
ब्यौरेमें लिखा गया है कि सङ्कटके कालमें राज्यने केन्द्र शासनके साथ मिलकर लोगोंको सङ्क्रमणसे बचाने, ‘रोजगार’ सुनिश्चित करनेके लिए योग्य निर्णय लिए । शासनने उत्तम प्रबन्धनके माध्यमसे कठोरतम कार्यको भी अति सहजतापूर्वक किया । सीमित संसाधनोंके होनेपर भी शासनने न केवल लोगोंकी महामारीसे सुरक्षा की; अपितु उन्हें ‘रोजगार’ भी दिया ।
‘हार्वर्ड’ विश्वविद्यालयका कहना है कि सङ्क्रमणसे लोगोंको बचाने हेतु योगी आदित्यनाथ शासनने तीन स्तरोंपर कार्य किया । ‘थर्मल स्क्रीनिंग’के पश्चात ‘आईसोलेशन’की प्रकियाको अपनाकर सङ्क्रमणकी गतिको मन्द कर दिया गया । स्वास्थ्य विभागने प्रवासियों, अन्य व्यक्तियों और उनके परिवारोंकी ‘स्क्रीनिंग’ हेतु ९० सहस्रसे भी अधिक दल गठितकर लोगोंकी जांच की ।
‘नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल’केद्वारा प्रेषित दिशा-निर्देशोंके अनुसार, १८१४० ‘क्वारण्टीन सेंटर’ बनाकर इसमें १५.१५ लाख लोगोंको रखा गया और सङ्क्रमितोंका उपचार किया गया ।
योगीजीके कृत्योंसे यह स्पष्ट है कि अध्यात्मकी शक्तिसे सब कुछ सम्भव है और आगामी हिन्दू राष्ट्रमें ऐसे ही योग्य व्यक्तियोंके हाथमें सत्ता दी जाएगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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