दिसम्बर २८, २०१८
जीवनके जिस मोडपर पति-पत्नी एक-दूसरेके सहयोगी होते हैं, उसपर एक धर्मान्ध मौलवीने अपनी ६० वर्षीय पत्नीको ‘तीन तलाक’ देकर सम्बन्ध विच्छेद कर लिया । प्रकरण बरेलीसे उस समय आया, जब देशमें तीन तलाक विधेयकका प्रकरण चरमपर है । महिलाने बताया कि उसका दोष केवल इतना था कि उसने अपने पतिके अवैध सम्बन्धोंका विरोध किया था । ६० वर्षीय वृद्ध महिला अब अपने मायकेमें है और पुलिससे न्यायकी विनती कर रही है ।
प्रकरण बरेलीके बहेडीका है । पीडिताका निकाह १९ वर्ष पूर्व उत्तराखण्डके सितारगंजके मौलवी व मदरसा संचालक सय्यद सिराज अहमदसे हुआ था । पीडिताने बताया कि पहली पत्नीके मरनेके पश्चात सय्यद सिराज अहमदने उनके साथ दूसरा निकाह किया । उस समय उनकी प्रथम पत्नीसे उनके आठ सन्तनें थीं !
पीडिताका आरोप है कि पत्नीके देहांतके पश्चात मौलवीने बच्चोंको न बताकर दूसरा निकाह कर लिया । निकाहके कुछ वर्ष पश्चात मौलवीके अपनी पुत्रवधूके साथ ही अवैध सम्बन्ध हुए, जिसका विरोध किया तो घरमें उनके मध्य कहासुनी आरम्भ हो गई । प्रकरण बढा तो मौलवीने विवाहके १९ वर्षों पश्चाथ अपनी पत्नीको तीन तलाक देकर उसे घरसे बाहर निकाल दिया ।
पीडिताने बहेडी थानेमें परिवाद देकर अपने मौलवी पतिके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट करनेकी मांग की है । यद्यपि अभी तक इस प्रकरणमें पुलिसने प्राथमिकी प्रविष्ट नहीं की है ।
“वासनान्ध मौलवी जिसकी कुदृष्टि अपनी पुत्रवधूपर है, वह मुसलमानोंको क्या शिक्षा देता होगा, यह स्पष्ट ही है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply