मॉरीशसके मार्गदर्शक मन्त्रीने हिन्दी और भारतके प्रति दिखाई अपनी कृतज्ञता


अगस्त २०, २०१८

मॉरीशसके मार्गदर्शक मन्त्री अनिरूद्ध जगन्नाथने कहा कि भारत ‘मां’ और मॉरीशस ‘पुत्र’ है और पुत्र मॉरीशस संयुक्त राष्ट्रमें हिन्दी भाषाको पहचान दिलानेके लिए पूर्ण समर्पणसे अपना कर्तव्य निभाएगा । ११वें विश्व हिन्दी सम्मेलनके समापण सत्रको सम्बोधित करते हुए अनिरूद्ध जगन्नाथ ने कहा, ‘‘अन्य भाषाओंकी भांति अब समय आ गया है कि अन्तरराष्ट्रीय मंचपर हिन्दीको अपना स्थान मिले । भारतको हम ‘भारत माता’ कहते हैं, तब इस प्रकारसे मारिशस ‘पुत्र’ बन जाता है । पुत्र अपना कर्तव्य जानता है ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुत्र मॉरीशस संयुक्त राष्ट्रमें हिन्दी भाषाको पहचान दिलानेके लिए अपना समर्थन देगा ।’’ जगन्नाथने कहा कि मॉरीशसके विकासमें हिन्दी भाषाका बहुत योगदान रहा है । हिन्दीने हमारे सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक विकासमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । उन्होंने कहा कि इस सम्मेलनने भारत और मॉरीशसके मध्य रक्त सम्बन्धको और घनिष्ठ किया है ।

मॉरीशसके मार्गदर्शक मन्त्रीने कहा कि उन्होंने जब-जब देशको सम्भाला, तब-तब भारतीय भाषाओंके विकासके लिए कार्य किया । यह मॉरीशसके लिए प्रसन्नताका विषय है कि विश्व हिन्दी सचिवालयके निर्माणके लिए उनके देशको चुना गया । इसकी नींव प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने उनके प्रधानमन्त्रितत्व कालमें रखी ।

जगन्नाथने कहा कि हमारे पूर्वज जब भारतसे मॉरीशस आए थे, तब गिरमिटिया श्रमिकके रूपमें अपनी भाषा और संस्कृतिको लेकर आए थे । इन्हीं दो पूञ्जीके आश्रयपर अपने कुटुम्बका पालन पोषण किया और मॉरीशसको स्वतन्त्रता दिलाई । आज उनकी अगली पीढी मारिशसको आगे बढानेमें लगी हुई है ।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूर्यके शक्तिशाली प्रकाशको कोई छिपा नहीं सकता है, उसी प्रकार मारिशसके विकासको कोई बाधित नहीं सकता है । अनिरूद्ध जगन्नाथने आशा दिखाई कि हिन्दी भाषा और संस्कृति उनके देशमें और सशक्त होगी और युवा वर्ग इसे और पढेगा और ‘अधिक से अधिक’ बोलेगा ।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि यहां से जानेके पश्चात सभी लोग हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृतिके प्रचार प्रसारमें कोई कमी नहीं छोडेंगे !’’ उल्लेखनीय है कि ११वां विश्व हिन्दी सम्मलेन १८ से २० अगस्त, २०१८ को मॉरिशसमें आयोजित किया गया । विश्व हिन्दी सम्मेलनमें इस बार विशेष प्रतीक चिन्ह तैयार किया गया है, इसमें भारतके राष्ट्रीय पक्षी मोर और मॉरीशसके राष्ट्रीय पक्षी डोडोके चित्रका प्रयोग किया गया है ।

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution