अगस्त २०, २०१८
उत्तर प्रदेशके उप-मुख्यमन्त्री केशव प्रसाद मौर्यने रविवारको कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि आवश्यकता पडी और कोई राह न दिखी तो केन्द्र शासन अयोध्यामें राम मन्दिरके निर्माणके लिए विधायिकाकी राह चुन सकती है । यद्यपि उन्होंने कहा कि यह तब सम्भव हो सकेगा, जब संसदके दोनों सदनोंमें हम सशक्त स्थितिमें होंगे ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समयमें दोनों सदनमें हमारे पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है । हम इस प्रकरणको लोकसभामें तो ला सकते हैं, परन्तु राज्यसभामें हमारे पास संख्याबल अल्प है, यह प्रत्येक रामभक्तको ज्ञात है । न्यायालय शीघ्र इसपर निर्णय करेगा ।
मौर्यने कहा कि जब हमारे पास सशक्त संख्याबल होगी तो हम इसका सदुपयोग करेंगे, दुरुपयोग नहीं ! उन्होंने कहा कि इसकी सुनवाई उच्चतम न्यायालयमें होनी है । मौर्यने कहा कि यदि राम मन्दिरका निर्माण होता है तो यह ‘विश्व हिन्दू परिषद्’के महान नेता अशोक सिंघल, महन्त रामचन्द्र दास परमहंस और अपने प्राण देने वाले कारसेवकोंको सच्ची श्रद्धाञ्जलि होगी ।
मौर्य से यह भी पूछा गया कि क्या एससी-एसटी संशोधन विधेयकसे भाजपाका स्थायी वोट बैंक क्रोधित हो जाएगा ? मौर्यने इसके उत्तरमें कहा कि इस विधेयकको लाकर शासनकी मंशा किसीको भी परेशान करने की नहीं है । राज्यके उप मुख्यमन्त्रीके रूपमें मैं यह कह सकता हूं कि कोई फर्जी अभियोग प्रविष्ट नहीं किया जाएगा और न ही किसीको बिना किसी कारण परेशान किया जाएगा; लेकिन यदि कोई व्यक्ति किसी अनुसूचित जाति या जनजाति समुदायके लोगोंके साथ अनुचित कृत्य करेगा तो उसे छोडा नहीं जाएगा !
स्रोत : जी न्यूज
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