पूजा भारतीका शव मिला, झारखण्ड पुलिसने बताई आत्महत्या


२४ जनवरी, २०२१
         हजारीबाग चिकित्सा महाविद्यालयकी छात्रा पूजा भारती पूर्वेका शव रामगढके पतरातू ‘डेम’से १२ जनवरी २०२१ को प्राप्त हुआ था । शरीरपर चोटिल होनेके प्रमाण नहीं मिले हैं; परन्तु शरीरके हाथ, पैर रस्सीसे बन्धे मिले हैं । इसपर पुलिसका मत है कि अभीतक यह घटना आत्महत्या प्रतीत हो रही है । लडकीने अवसादग्रस्त होकर स्वयं ही अपने हाथ, पैर बांधकर आत्महत्या कर ली होगी !
     परिजन इसे हत्या बता रहे हैं । पुलिसको ज्ञात हुआ है कि वह परीक्षाके दिन ‘ऑटो’से महाविद्यालय पहुंची थी । इसके पश्चात वह हजारीबागसे बसद्वारा रांची पहुंची थी । रांची पहुंचकर वह पतरातू ‘डेम’ क्यों और कैसे गई ?, यह प्रश्न अनुत्तरित है । उसका भ्रमणभाष अभीतक पुलिसको प्राप्त नहीं हो सका है । ‘पोस्टमार्टम’में उसके शवके पेटसे जल निकला है । मृत व्यक्तिको जलमें डुबोया जाए तो उसके पेटसे जल नहीं निकलता; इसलिए पुलिसको आशंका है कि उसे जीवित ही जलाशयमें फेंका होगा । कुछ दिन पूर्व रवि पांडेय नामक युवकने इस लडकीके ‘फेसबुक पोस्ट’पर अश्लील टिप्पणी की थी । उसे पुलिसने बन्दी बना लिया है । अभीतक पुलिस अपराधीके विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है ।

 

        जब स्पष्ट दिख रहा है कि यह हत्या है, तो पुलिसद्वारा इसे निर्रथक आत्महत्या बताना हास्यास्पद है । माता-पिता बच्चोंको बडा करके पालते हैं और हत्यारे उन्हें उठाकर एक मिनिटमें समाप्त देते हैं । इस प्रकरणमें चिकित्सकीय जांच ब्यौरा भी अभी साझा नहीं किया गया है । यह अन्धेर नगरी आजके राज्यकर्ताओंके शासनमें ही हो सकती है । यह गुण्डाराज समाप्त हो, इस हेतु केवल हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इंडिया

 



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