१२ दिसम्बर, २०२०
‘स्क्रॉल’, ‘एनडीटीवी’, ‘वायर’ आदि वामपन्थी संस्थानके साथ ही लगभग सभी समाचार वाहिनियोंद्वारा प्रकाशित एक सूचनामें प्रतिवाद (दावा) किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश जनपद छतरपुरके थाना गौरिहर क्षेत्रके अन्तर्गत गांव किशनपुरामें गत ७ दिसम्बरको मानसिक रूपसे अस्थिर ‘दलित’ युवकको उसके ऊंची जातिवाले २ साथियोंने कथित रूपसे उनका भोजन छूनेपर पीट-पीटकर मार डाला ! इस प्रकरणमें भारतीय दण्ड संहिताकी विभिन्न धाराओंके अन्तर्गत हत्या सहित ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम’के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया गया है; परन्तु मुख्यधाराकी ‘मीडिया’की कार्यशैलीसे परिचित एक उभरते हुए ‘समाचार पोर्टल’ने इस घटनाके भीतरतक जाते हुए मृतकके परिवारसे बातचीतका ‘ऑडियो’ भी जारी किया है, जिसमे उसके बडे भाई हरिशचन्द्रके अनुसार, उनका पच्चीस वर्षीय भाई देवराज अनुरागी मानसिक रूपसे अस्थिर था । देवराज घरमें भोजन कर रहा था, तभी गांवके ही सन्तोष पाल व मित्र भूरा सोनी उसके घर पहुंचे और देवराजको मारते-मारते उसे थोडी दूर स्थित एक नालेके पास ले गए ।
‘ऑडियो’में मृतकके घरवाले यह कहते सुने जा सकते है कि स्वयं उन्हे झगडेका कारण नहीं ज्ञात है । मध्य प्रदेश पुलिसने इस हत्याके सन्दर्भमें बृहस्पतिवार, १० दिसम्बरको २ व्यक्तियों, २५ वर्षीय सन्तोष पाल और ३० वर्षीय लवकुश सोनीको पकडा है ।
यह प्रथम बार नहीं है, जब मुख्यधाराकी ‘मीडिया’ने किसी सामाजिक अपराधकी सूचनाको जातिगत भेदभावका रूप देनेका प्रयास किया हो । वर्ष २०१९ में ही उत्तराखण्डके जनपद टिहरीके एक गांवमें हुई हत्याको ‘मीडिया’ने प्रमुखतासे यह कहते हुए प्रकाशित किया कि सवर्णोंने एक ‘दलित’को उनके ‘सोफे’पर बैठनेके कारण मार डाला, जबकि उत्तराखण्डके जनपद टिहरीके जिस क्षेत्रमें जितेन्द्रकी मौत हुई थी, वह एक जनजातीय क्षेत्र है, जहांपर जातिगत भेदभाव कभी रहे ही नहीं !
सभी हिन्दुओंसे प्रार्थना है कि इन ‘मीडिया’ संस्थानोंका बहिष्कार करें ! जिहादियोंद्वारा पोषित ये संस्थान हिन्दुओंमें फूट डालकर इसका लाभ देशविरोधी तत्त्वोंको देना चाहते हैं, जो हमारे लिए हितकर नहीं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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