महबूबा मुफ्तीने पुनः किया विषवमन, केन्द्रको ‘अफगान’ जैसी स्थिति उत्पन्न करनेकी दी धमकी
२२ अगस्त, २०२१
जम्मू कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री व ‘पीडीपी’ प्रमुख महबूबा मुफ्तीकी मां गुलशन नजीरको प्रवर्तन निदेशालयने पूछताछके लिए सम्पर्क किया था । जांच अभिकरणोंने (एजेंसियोंने) प्राय: ३ घण्टे निरन्तर उनसे पूछताछ की, जिसपर महबूबा मुफ्ती अत्यधिक क्रोधित हो गई और उन्होंने केन्द्र शासनको अफगान जैसी स्थितियां निमार्ण करनेकी धमकी दे डाली । उन्होंने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तानसे ‘बोरिया बिस्तर’ बांधकर भागनेपर विवश हो गया है; इसलिए कश्मीरियोंकी परीक्षा न लें । महबूबाका यह भी कहना था कि कश्मीरी अत्यधिक साहसी और सहनशील हैं; किन्तु उनकी सहनशीलताका बांध टूट गया तो शासन पराजित हो जाएगा । उन्होंने यह वक्तव्य घाटीके कुलगांवमें अपने दलके कार्यकर्ताओंको सम्बोधित करते हुए दिया । वहीं प्रतिवेदनके अनुसार महबूबाने चेतावनी भी दी है कि यदि पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारीके ‘डॉक्ट्रिन’ अन्तर्गत पाकिस्तानसे वार्तालाप आरम्भ नहीं किया गया तो सब कुछ नष्ट होनेमें समय नहीं लगेगा । उन्होंने केन्द्र शासनको जम्मू कश्मीरको पूर्ण राज्य प्रदान करनेकी मांगके साथ ही जम्मू-कश्मीरको लद्दाखसे पृथक करने की चूकको सुधारनेका सुझाव भी दिया । इस वक्तव्यके पश्चात केन्द्रीय वित्त मन्त्री निर्मला सीतारमणने महबूबाको इस प्रकारके वक्तव्य देनेसे बचनेका परामर्श दिया तो वहीं ‘बीजेपी’ राजनेता रविन्द्र रैनाने उन्हें देशद्रोही कहते हुए सम्बोधित किया ।
आजके राजनेताओंकी एक नीति है कि यदि आप लोगोंकी दृष्टिमें नहीं हो तो मात्र एक देश विरोधी वक्तव्य देकर आप सभीका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सकते हो । ऐसे मतिभ्रष्ठ राजनेता क्या कभी अच्छे शासक बन सकते हैं ? इसपर सभी विचार करें व ऐसे राजनेताओंका पूर्णतः बहिष्कार करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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