अगस्त ३, २०१८
श्रीनगर: जम्मू कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीने शुक्रवारको चेताया कि यदि राज्यके विशेष अधिकारके साथ किसी प्रकारकी छेडछाड हुई तो समूचे देशको इसके ‘गम्भीर दुष्परिणाम’ भुगतने पड सकते हैं ! संविधानके ‘अनुच्छेद ३५ए’की वैधता )को चुनौती देने वाली याचिकाकी सुनवाई उच्चतम न्यायालयमें छह अगस्तको होने वाली है, जिससे पूर्व महबूबाने यह चेतावनी दी है । संविधानका ‘अनुच्छेद ३५ए’ राज्यके निवासियोंको विशेष अधिकार एवं सुविधा प्रदान करता है ।
महबूबा मुफ्तीने कहा, “राज्यमें आज लोग राजनीतिक मतभेद भुलाकर ‘अनुच्छेद ३५ए’को दुर्बल करनेके विरुद्ध एकजुट होकर अपना युद्ध लड रहे हैं । जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूं कि जम्मू कश्मीरके विशेष अधिकारसे किसी प्रकारकी छेडछाड समूचे देशके लिए भयंकर दुष्परिणाम लाने वाली होगी !”
जम्मू कश्मीरके स्थायी निवासियोंको विशेष अधिकार प्रदान करने वाले संविधानके ‘अनुच्छेद ३५ए’को वैधानिक चेतावनी देने वाली याचिकाके विरुद्ध घाटीमें शुक्रवारको निरन्तर तीसरे दिवस भी प्रदर्शन जारी रहा ! पुलिसके एक अधिकारीने बताया कि श्रीनगरमें ‘उदारवादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुककी अध्यक्षतामें नौहट्टामें जामा मस्जिदसे गोजवारातक पैदल-यात्रा निकाली गई ।
अधिकारीने बताया कि कश्मीरमें आज कई स्थानोंपर प्रदर्शन हुए ! उन्होंने बताया कि प्रदर्शन शान्तिपूर्ण रहे । उन्होंने बताया कि ‘जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रण्ट’ (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासिन मलिककी अध्यक्षतामें यहां बून्दके निकट ‘जुमेकी नमाज’के पश्चात प्रदर्शन हुए । अधिकारीने बताया कि खानयारमें ‘दस्तगीर साहिब’ दरगाह, नगरके पन्था चौकमें मेहजूर पार्कके निकट, परीमपोराके ‘लाल बाजार’ और मैसुमा क्षेत्रोंमें प्रदर्शन हुए । मध्य कश्मीरके गन्देरबल प्रान्तके कंगन एवं सोनमर्ग क्षेत्रोंके साथ उत्तर कश्मीरके बान्दीपोरामें भी प्रदर्शन हुए ।
स्रोत : जी न्यूज
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