केजरीवाल शासनपर वेतनकी रुकावटका लगा आरोप, देहली नगर निगमके पार्षदोंने चलाए ‘जूते-चप्पल’


२९ दिसम्बर, २०२०
        देहलीके नगर निगमके ‘हंगामे’में ‘आप’ दल और भाजपा दलने जूते और चप्पल चलाए । धनके कथित दुरुपयोगको लेकर, सदनमें टकराव हुआ । पूर्वी देहलीके नगर-निगममें भाजपाके ४७ नगरसेवक हैं । उन्होंने केजरीवालपर, वेतन नहीं देनेपर आरोप लगाया । आरोपसे बढकर, दोनों दलोंके पार्षदोंने हाथापाई की और ‘जूतों’का प्रयोग किया !
    आरोपके प्रत्युत्तरमें ‘आप’ दलने भाजपापर २५०० कोटि (करोड) रुपयेके भ्रष्टाचारका आरोप लगाया । इस आरोपकी जांचके लिए ‘आप’ दलके पार्षदोंने ‘सीबीआई’द्वारा जांच करानेकी मांग की । ‘आप’ दलकी पार्षद मोहिनी जीनवालके हाथमें चप्पल और भाजपा पार्षद नीतू त्रिपाठीके हाथमें जूता देखा गया । महापौरद्वारा प्रतिपक्षके नेता मनोज त्यागी और ‘आप’की पार्षद मोहिनी जीनवालको सदनकी कार्यवाही बाधित करनेपर १५ दिवसके लिए निलम्बित कर दिया गया ।
        इससे पूर्व ‘एमसीडी-फण्ड’की हेराफेरीको लेकर, देहली विधानसभामें इसी प्रकार कोलाहल हुआ था । २५०० कोटि धनके घोटालेके लिए ‘आप’ दलने ‘सीबीआई’द्वारा जांच करानेकी मांगको लेकर, विधानसभामें उद्घोष किए थे और फलक प्रयोग किए थे ।
       सत्ताके लोभी, अपने-आपको देशका सच्चा सेवक कहलवानेवाले सभी  पदस्थ लोग, जबतक सत्तामें रहेंगे, ‘जूते-चप्पल’ तो क्या, अस्त्र-शस्त्र भी चलते रहेंगे, केवल कार्य नहीं करेंगे और जनताको मूढ बनाएंगे । ऐसे स्वार्थी दलों व लोगोंके रहते राष्ट्रका उदय होना असम्भव है; अतः अब परिवर्तनकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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