आन्ध्र प्रदेशमें गर्भगृहमें घुसे उपद्रवी, भगवान रामकी ४०० वर्ष पुरानी प्रतिमाका किया सिर धडसे पृथक
०१ जनवरी, २०२१
जिस समय अयोध्यामें राम जन्मभूमिपर राम मन्दिरका निर्माण चल रहा है, हमारे राज्यमें भगवान रामकी मूर्तिको नष्ट कर दिया गया है । प्रतिमाके सिरको पृथक करना एक पागल व्यक्तिका कार्य नहीं हो सकता है । यह धार्मिक उन्मादियोंका कृत्य है । प्रदेशके विजयनगरम जनपदके नेल्लीमरला मंडलमें एक पहाडीपर स्थित मन्दिरमें अज्ञात उपद्रवियोंने भगवान रामकी प्रतिमाको क्षतिग्रस्त कर दिया ।
प्रतिमा रामतीर्थम गांवके पास पहाडीकी चोटीपर स्थित बोडिकोंडा कोदंडाराम मन्दिरमें विराजमान थी । कथित ढंगसे उपद्रवी ताला तोडकर मन्दिरके गर्भगृहमें घुसे और और स्वामी कोदंडारामुडुका सिर काटकर पृथक कर दिया !
जिहादी और धार्मिक उन्मादियोंका व्यवहार चाहे अफगानिस्तान हो, जहां कुछ वर्ष पहले पहडियोंमें प्रतिमाओंको खण्डित किया था या भारतका राज्य आन्ध्र प्रदेश, जहां भगवान श्रीरामकी प्रतिमाको खण्डित किया है, यह ही जिहादियोंका लक्ष्य है । मुख्यमन्त्री जगन मोहन रेड्डी, जिनकी स्वयं पहचान सन्धिग्ध है कि हिन्दूके परवेशमें ईसाई हैं या हिन्दू ?, उनके शासनमें या कुछ पूर्व उनके पिताके
शासनकाल हिन्दुओंके धार्मिक आस्थास्थलोंपर सदैव चोट की गई है । राजनैतिक दलोंके विरोध प्रदर्शन मत पीनेकी लोभसे होते है; अत: आवश्यकता है कि प्रत्येक हिन्दू शासनके समक्ष विरोध प्रदर्शनकर दोषियोंके विरुद्ध यथोचित कार्यवाहीके लिए शासनको विवश करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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