रांचीमें ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के केन्द्रोंपर राज्यव्यापी छापे !


जुलाई ७, २०१८

रांची स्थित ‘निर्मल हृदय’में बच्चेके क्रय-विक्रयके पश्चात ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के राज्यभरके ११ केन्द्रोंपर व संस्थाके राज्यभरमें स्थित विभिन्न शाखाओं, शेल्टर व ‘एडॉप्शन होम’में पुलिसने जांच आरम्भ कर दी है । रांचीमें ‘निर्मला शिशु सदन’में शुक्रवार शाम बाल थाना प्रभारी सोहन कुमारके नेतृत्वमें पुलिसने डेढ घण्टेतक जांच की । इसके अतिरिक्त मेदिनीनगर, गिरिडीह व दुमकामें भी संस्थाके केन्द्रकी जांचकी गई । ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के साहिबगंज, दुमका, गुमला, धनबाद, गोड्डा, हजारीबाग और जमशेदपुर प्रान्तमें भी सेण्टर हैं । शनिवारको यहां जांच होगी ः

रांचीमें ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के ‘एडॉप्शन सेण्टर’ ‘निर्मल हृदय’में बच्चा विक्रय करनेकी बात सामने आने के पश्चात पुलिस मुख्यालयने दस प्रान्तोंके एसपीको आदेश दिया है कि संस्थाके एडॉप्शन व आश्रय केन्द्रमें छापेमारीकर तथ्योंकी जांच करें । दूसरे प्रान्तोंमें भी अवैध रूपसे बच्चा गोद देने या विक्रयकी बात सामने आनेपर वैधानिक कार्रवाई करनेका आदेश दिया गया है । मुख्यालयने प्रान्तके एसपीसे शनिवारतक कार्रवाईकी सूचना मांगी है ।

‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’में बच्चोंके क्रय-विक्रयको शासनने गम्भीरतासे लिया है । शुक्रवारको मुख्यमन्त्री रघुवर दासने प्रधान सचिव डॉ सुनील वर्णवालको आदेश दिया कि प्रकरणकी जांच किसी सक्षम विभागसे कराएं ! मुख्यमन्त्रीने ऐसी सभी संस्थाओं, एनजीओ व सेवासदनकी भूमिकाकी जांचका आदेश दिया है, जो राज्यमें आश्रय सदन और दत्तकग्रहण केन्द्र (एडॉप्शन सेण्टर) चलाते हैं । शुक्रवारको दिनमें राज्यसभा सांसद समीर उरांव प्रतिनिधिमण्डलके साथ मुख्यमन्त्रीसे मिले ।

‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के हिनू स्थित ‘शिशु सदन’को भी शुक्रवारको बन्द कर दिया गया । ‘चाइल्ड वेलफेयर कमेटी’ने (सीडबल्यूसी) यहां रहने वाले २२ बच्चोंको अपने नियन्त्रणमें ले लिया है । सभी बच्चोंको दूसरे आश्रय सदनमें स्थानान्तरित किया गया है । सदनके सभी लिखितपत्र भी अधिग्रहित कर लिए गए हैं । बच्चोंको स्थानान्तरित करनेके लिए जब ‘सीडब्ल्यूसी’का दल पहुंचा तो ‘शिशु सदन’के कर्मचारियोंने विरोध किया । दलके सदस्योंको ‘शिशु सदन’में प्रवेश करनेसे रोकनेका प्रयास किया गया । इसके बाद पुलिस बुलानी पडी और पुलिसकी उपस्थितिमें बच्चोंको स्थानान्तरित किया गया । ‘शिशु सदन’में अनाथ बच्चोंको रखा जाता था ।

झारखण्ड शासनके निर्देशपर रांचीसे ‘आईसीपीसी’ संस्थानके डीसीपीओ प्रकाश कुमार और आईसी केडी पासवानने मेदिनीनगर सदर थाना प्रभारी ममता कुमारीके साथ मेदिनीनगरके स्टेशन रोड स्थित ‘मिशन ऑफ चैरिटी’का शुक्रवारकी शाममें निरीक्षण किया ।

इस क्रममें पलामू स्थित ‘मिशनरी ऑफ चैरिटी संस्थान’के ‘पालना घर’ सहित अन्य लिखितपत्रोंकी जांचकी गई । इस क्रममें १८ बच्चे संस्थानमें पलते हुए पाए गए । सदर थाना प्रभारी ममता कुमारीने बताया कि जांचमें यह बात सामने आयी कि कोई भी बच्चा अनाथ नहीं है । जो लोग अपने बच्चेको पालनेमें असमर्थ हैं, वे अपने बच्चोंको इन्हें सौंप देते हैं और बादमें बच्चा जब बडा हो जाता है, तब उसे अपने साथ ले जाते हैं । ‘मिशन ऑफ चैरिटी’की ‘सिस्टर’ने जांच दलको बताया कि यदि कोई बच्चा लेनेके लिए उनके संस्थानमें आता है तो वे लोग उसे ‘खूंटी’ ही भेज देते रहे हैं ।

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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