अप्रैल ३०, २०१९
बिशप कोनराड विद्यालयमें धर्म परिवर्तनके लिए बच्चोंको अनुत्तीर्ण करनेका प्रकरण रूका भी नहीं था कि अब इस विद्यालयकी हारुनगला स्थित दूसरी शाखा भी एक नूतन विवादमें फंस गई है । हारुनगला स्थित ‘चाइल्ड केयर बिशप कोनराड विद्यालय’में गम्भीर प्रकरण सामने आया है । यहांपर छोटे-छोटे बच्चोंको श्रीलंकामें हुए आत्मघाती आक्रमणका वीडियो दिखाकर प्रार्थना सभाका आयोजन किया गया । रक्तरंजित वीडियो देखकर छात्र घबरा गए । आरोप है कि इस मध्य एक छात्रने पुलवामा आक्रमणके पश्चात प्रार्थना सभाका आयोजन न करनेके बारेमें पूछा तो उसकी पिटाई कर दी गई ! इस प्रकरणकी परिवाद अभिभावक संघसे की गई है ।
अभिभावकोंका आरोप है कि शनिवार, २७ अप्रैलको प्रार्थनाके पश्चात बच्चोंको ‘हॉल’में ही रोक लिया गया था, जहांपर श्रीलंकामें हुए आत्मघाती आक्रमणमें मारे गए लोगोंके लिए प्रार्थना सभाका आयोजन किया गया था । इस मध्य प्रक्षेपकपर (प्रोजेक्टरपर) आक्रमणका वीडियो भी दिखाया गया । रक्तरंजित वीडियो देखकर बच्चे घबरा गए । इस मध्य बच्चोंको ईसाई धर्मके अनुसार शांति पाठ कराया गया । आरोप है कि बच्चोंको ईसाई धर्म अपनानेके लिए प्रेरित भी किया गया !
इस मध्य जब एक छात्रने पुलवामामें हुए आतंकी आक्रमणके पश्चात हुतात्माओंके लिए प्रार्थना सभा न आयोजित करनेका प्रश्न किया तो अध्यापकने उसकी पिटाई कर दी । अभिभावकोंका कहना है कि आतंकी आक्रमणका वीडियो देखनेके पश्चात बच्चोंके मनपर बुरा प्रभाव पडा है और वो प्रबन्धनके सामने विरोध प्रकट करेंगें ।
वहीं, इस प्रकरणमें अभिभावक संघने भी विरोध प्रकट किया है । संस्थाके अध्यक्ष अंकुर सक्सेनाका कहना है कि पुलवामाके पश्चात विद्यालयमें कोई प्रार्थना सभाका आयोजन नहीं किया गया था; परन्तु अब किया गया है । यह सीधे रूपसे धर्म विशेषको बढावा देनेकी बात है । इस घटनाका अभिभावक संघ विरोध करता है ।
“ईसाई विद्यालय पुलवामा आक्रमणका वीडियो क्यों दिखाएंगें ? उनका भारतमें विद्यालय खोलनेका उद्देश्य कोई देश भक्तिका प्रचार थोडे है, वे तो धर्मान्तरण हेतु और हिन्दू छात्रोंके संस्कार नष्ट करने हेतु भारत आए है ! यह तो हम हिन्दू ही हैं, जो अपने बालकोंका जीवन नष्ट करनेके लिए ईसाई विद्यालयोंमेऔ भेजते हैं और गौरवान्वित अनुभव करते हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पत्रिका
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