दानदाताओंके धनका उचित उपयोग न करनेका ‘केटटो’ने लगाया राणा अय्यूबपर आरोप, ‘एजेंसियां’ कर रही हैं जांच
२८ अगस्त, २०२१
चिकित्सा कार्यों हेतु धन एकत्रित करनेवाले ‘केटटो’ने राणा अय्यूबपर एकत्रित धनका सदुपयोग न करनेका आरोप लगाया है । उनकी वैधतापर पहले ही शङ्का थी; क्योंकि वे पङ्जीकरणके बिना ही विदेशी धन स्वीकार रही थीं । ऐसा करके वे ‘फेमा’के दिशा निर्देशोंका उल्लङ्गनकर रही थीं ।
उन्हें उनके अभियानमें प्रायः २.६९ कोटिकी (करोडकी) धनराशि प्राप्त हुई, जिनमें १.९० कोटि भारतीय दानदाताओंसे तथा १.०९ ‘लाख डॉलर्स’ विदेशी दानदाताओंसे प्राप्त हुए थे । इनमें ९० लाखकी धनराशिका उन्हें ‘कर’ देना है तथा शेष ५४ लाख अभीतक लाभार्थियोंतक नहीं पहुंचे ।
इन आरोपोंपर राणा अय्यूबने कहा था कि वे विदेशी दान लौटा देंगी; किन्तु उन्होंने कोई दान अभीतक लौटाया नहीं है । इसीके साथ कुछ धन उनके व्यक्तिगत खातोंसे भी स्थानान्तरित होनेका आरोप उनपर है ।
समाजके निर्धन वर्गकी सहायता करनेका उद्देश्य दर्शाते हुए लोगोंसे धन एकत्रितकर उसका सदुपयोग न करना अथवा उसे अपने व्यक्तिगत खातेसे स्थानान्तरित करना अपराध है । इसकी उचित जांच होकर इन्हें कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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