दिसम्बर ३, २०१८
उत्तर प्रदेशके बुलन्दशहरमें सोमवार, ३ दिसम्बरको स्याना कोतवालीके गांव महावमें गो तस्करीको लेकर जमकर बवाल हुआ । क्रोधित भीडने बुलंदशहर-गढ स्टेट राजमार्गपर गोवंशोंके अवशेष रखकर जाम लगा दिया और वाहनोंमे तोड-फोड कर आगजनी की गई और पुलिस चौकीको भी फूंक दिया गया । स्याना कोतवालकी भी हत्या कर दी गई, जबकि गोली लगनेसे चोटिल सुमितकी मृत्यु हो गई । पथरावमें सीओ स्याना सहित सात पुलिसकर्मी चोटाल हुए हैं । घटनाके पश्चात एडीजी, आईजी और डीएम-एसएसपी वहांपर डेरा डाले हुए हैं । क्षेत्रमें तनावका वातावरण देखते हुए पीएसी और आरएएफकी ११ कंपनी तैनात कर दी गई हैं ।
स्याना कोतवालीके गांव महावमें रविवार देर रात्रि ईखके खेतमें २५-३० गोवंश अज्ञात लोगोंने काट डाले ! सुबह लगभग आठ बजे ग्रामीणोंने खेतोंमें गोवंशके अवशेष देखे तो उनका क्रोध भडक गया । जिसकी सूचना मिलनेपर पुलिस भी वहां पहुंची और उन्होंने ग्रामीणोंको समझानेंका प्रयास किया, परन्तु क्रोधित लोग बलात् ट्रैक्टर-ट्रॉलीमें गोवंशके अवशेषोंको भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकीपर जा पहुंचे । जहांपर हिन्दूवादी संगठन बजरंग दल सहित अन्य संगठनोंके लोग भी आ गए । उनकेद्वारा बुलंदशहर-गढमुक्तेश्वर स्टेट राजमार्गपर जाम लगाकर पुलिस-प्रशासनके विरुद्घ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई, इस मध्य बुलंदशहरमें इज्तमासे लौट रहे लोगों सहित अन्य अनेक वाहन जाममें फंस गए, जिससे पुलिस प्रशासनके हाथ-पांव फूल गए !
एसडीएम स्याना अविनाश कुमार मौर्य, सीओ स्याना एसपी शर्मा और कोतवाल स्याना सुबोध कुमार सिंहने भीडको पहले समझानेका प्रयास किया, जब नहीं माने तो पुलिसने जाम खुलवानेको लाठीचार्ज कर दिया । जिसके उत्तरमें भीडने पथराव किया, जिसमें कोतवाल सुबोध कुमार सिंहकी मृत्यु हो गई । जबकि सीओ सहित अन्य पुलिसकर्मियोंको चिंगरावठी पुलिस चौकीमें ही जलानेका प्रयास किया गया । जिन्होंने रोशनदानसे खेतोंमें निकलकर प्राण बचाए !
इस हंगामेके मध्य ही गांव चिंगरावठीका सुमित (२१ वर्ष) पुत्र अमरजीत सिंह छातीमें गोली लगनेसे गम्भीर रूपसे चोटिल हो गया, जिसे मेरठ चिकित्सालयमें भेजा गया, जहां चिकित्सकोंने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया । हंगामेंमें सीओ स्याना समेत सात पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए । प्रदर्शनकारियोंमें भी कुछ लोगोंके चोटिल होनेकी सूचना है । एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार, डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी केबी सिंह घटनास्थलपर पहुंच गए और उन्होंने जैसे-तैसे ग्रामीणोंको शांत किया ।
मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने बुलंदशहरकी घटनाके दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टरकी पत्नीको ४० लाख रुपये तथा माता-पिताको १० लाख रुपये आर्थिक सहायता देनेकी घोषणा की । इसके साथ ही उन्होंने दिवंगत पुलिसकर्मीके आश्रित परिवारको असाधारण पेंशन तथा परिवारके एक सदस्यको सरकारी नौकरी देनेकी भी घोषणा की है ।
“गोरक्षण हेतु हिन्दुओंको धर्मकी आवश्यकता है, धर्म पालन होगा तो ही गायका रक्षण हो सकता है; अतः सभी गोभक्त गोरक्षाके साथ हिन्दू राष्ट्रके लिए कार्यरत हो; क्योंकि हिन्दू राष्ट्रमें कोई गोहत्या करेगा ही नहीं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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