मदरसेमें पढानेवाले अरबी भाषाके अध्यापकने अवयस्क बच्चीसे किया दुष्कर्म, मिला कारावास
१८ मार्च, २०२१
मुंबईके एक मदरसेमें अरबी भाषा पढानेवाले अध्यापकको कारावासमें भेज दिया गया । २४ वर्षीय मोहम्मद रियाज कयामली मदरसेमें बच्चोंको अरबी पढानेका कार्य करता था, जहांपर ३० बच्चे पढने जाया करते थे । अवसर पाकर रियाज, उनमेंसे एक अवयस्क बच्चीको प्रसाधनगृहमें ले गया और उससे दुष्कर्म किया । इसके साथ ही उसने बच्चीको धमकाया कि किसीको भी बतानेपर वह उसे मार डालेगा; किन्तु बच्चीने घर पहुंचकर अपनी मांको सब कुछ बता दिया । बच्चीके परिजनने आरोपी अध्यापकके विरुद्ध पुलिसमें प्रकरण प्रविष्ट कर दिया ।
पास्को अधिनियमके अन्तर्गत न्यायालयने रियाजको दुष्कर्मका दोषी पाया और उसे बीस सहस्र रुपयोंके आर्थिक दण्ड सहित ५ वर्षके लिए कारावासका दण्ड दिया ।
अपराधीके अभिवक्ताने कहा कि घरपर पाठ्क्रम नहीं करनेसे हुई पिटाईके कारण, बच्ची भयभीत हो गई होगी; सम्भवतः इसी कारण उसने घरपर ऐसा कहा होगा; किन्तु न्यायालयने उसके तर्कको अमान्य करते हुए कहा कि इस प्रकारके प्रसंग गढनेके लिए बच्ची बहुत ही छोटी है और माता-पिताके पास भी अध्यापकको अनुचित ढंगसे फंसानेके लिए कोई कारण नहीं है ।
मस्जिदों और मदसरोंमें दुष्कर्म करना, वहांके मुल्लों, मौलवियों और अध्यापकोंके लिए साधारण बात है; क्योंकि उन्हें यह कुसंस्कार बचपनमें ही अपने घरसे प्राप्त हो जाता है । उनके लिए शारीरिक वासना ही सर्वोपरि होती है, चाहे अपनी बहनों और बेटियोंसे ही क्यों न उसकी पूर्ति की जाए । ऐसे अपराधियोंके लिए पांच वर्ष कारावास अति न्यून है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : क्रेटली न्यूज
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