इन्दौरके मोहम्मद सादिकको ५० लाख लोगोंको मारनेमें सक्षम रासायनिक शस्त्रके साथ ‘डीआरआई’ने बन्दी बनाया !


सितम्बर ३०, २०१८

देशके लिए इससे बडा और घातक समाचार सम्भवतः ही पहले कभी आया हो । देश एक बार पुनः ‘भोपाल गैस काण्ड’ जैसी वीभ्त्स्म घटनासे बच गया, जब ‘डीआरआई’ने (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इण्टेलिजेंस) मोहम्मद सादिकको इन्दौरमें दस किलो ‘फेंटानाईल हाईड्रोक्लोराईड’के साथ बन्दी बनाया !
ये रसायन इतना घातक होता है कि मात्र दस किलो ‘फेंटानाईल’से लगभग पचास लाख लोगोंको एक साथ ही मारा जा सकता है ! एक स्वस्थ व्यक्तिको मारनेके लिए इस घातक रसायनकी मात्र २ मिलीग्राम मात्रा ही बहुत मानी जाती है । ‘सेंटर फॉर डिजीज कण्ट्रोल एण्ड प्रिवेंशन’के विवरणसे यह ज्ञात हुआ कि अमेरिकामें इस प्रकारके रसायनसे २०१६ में एक ही वर्षमें बीस सक्षस्त्र लोग मारे जा चुके हैं !
यदि बात मूल्यकी हो तो मात्र १० किलो ‘फेंटानाईल हाइड्रोक्लोराईड’का अन्तर्राष्ट्रीय बाजारका मूल्य ११० कोटि रुपये है । यह ओपियमकी एक प्रकारका (कैरेक्टरका) एक रसायन है, जो मॉर्फिनसे सौ गुणा अधिक शक्तिशाली है और हेरोइनसे पचास गुणा अधिक प्रभावी है । एक स्वस्थ वयस्क व्यक्तिको मार देनेके लिए २ मिलीग्राम ‘फेंटानाईल’ ही बहुत है । दस किलोग्रामकी मात्राका उपयोग करके लगभग पचास लक्ष (लाख) लोगोंकी हत्या की जा सकती है ! यदि यह रसायन पकडा नहीं जाता और आतंकवादियोंके हाथ लग जाता है तो कितना भयावह हो सकता था, यह अनुमान लगाया जा सकता है !
ज्ञात हो कि मुहम्मद सादिक रसायनशास्त्रमें ‘पीएचडी’ है और रासायनिक अभिक्रियाओंके सन्दर्भमें सुप्रशिक्षित है । सादिक इस रसायनका निर्माण अर्थात संश्लेषण इन्दौरमें कर रहा था । यह भी ज्ञात हुआ है कि सादिक ‘फेंटानाईल’की आपूर्ति ‘मेक्सिको रूट’से अमेरिकामें करता था । यह मनोरंजनके लिए नशा करने वाले लोगोंद्वारा उपयोग किया जाता है । मादक पदार्थके रूपमें एक मिलीग्रामसे कमकी मात्रामें ही प्रति व्यक्ति उपयोग किया जाता है । १ मिग्रासे अधिकका उपयोग संकटपूर्ण सिद्ध होता है एवं प्राणघातक भी हो जाता है । इसके दुरुपयोगसे २०१६ में अमेरिकामें बीस सहस्त्र लोगोंकी मृत्यु एक ही वर्षमें हो चुकी है, इससे इसके स्तरका अनुमान लगाया जा सकता है ।
इन्दौर ‘सिम्मी’ और ‘इण्डियन मुजाहिद्दी’की गतिबिधियोंका केन्द्र रहा है; इसलिए इसका दुरुपयोग भारतीय ड्रग उपभोक्ताओंके विरूद्ध भी किया जा रहा होगा, इसकी पूर्ण सम्भावना है । ‘डीआरआई’ने (राजस्व खुफिया निदेशालय) कई स्थानोंपर छापेमारी की है, जिसमें वह उद्योग भी सम्मिलित है, जहां मोहम्मद सादिक ‘फेंटानाईल हाइड्रोक्लोराईड’ बनाता था ।


“राजस्व खुफिया निदेशालयके (डीआरआई) इस सूझ-बूझ व साहसिक कृत्यके लिए हम उनका अभिनन्दन करते हैं व यही आशा करते हैं कि प्रशासन शीघ्रातिशीघ्र अन्य गोपनीय स्थान, जहां यह सब हो रहा है, उसे ढूंढे व ऐसे कितने ही मुहम्मद सादिकोंको कडेसे कडा दण्ड दें”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : सुदर्शन न्यूज



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