मार्च २३, २०१९
केरलमें एक मौलवीको बन्दी बनाया गया है, मौलवी मदरसेमें इस्लामकी शिक्षा देनेका कार्य कर रहा था । मौलवीने ११ वर्षके एक लडकेके साथ ६ महीनेमें कई बार दुष्कर्म किया और उसे चेतावनियां भी दी । इसीसे भयभीत होकर अन्ततः लडकेने अपने परिजनोंको ये बात बता दी ।
उसके पश्चात प्रकरण पुलिसतक पहुंचा और मौलवीको पुलिसने अब बन्दी बना लिया है । यह प्रकरण मल्लापुरमके तिरुरका है ।
मौलवीका नाम मोहम्मदके अली है, जो ३० वर्षका है और कन्मनामका रहनेवाला है और मदरसेमें इस्लामकी शिक्षा देनेका कार्य कर रहा था ।
पुलिसने बताया कि मौलवीने लडकेका ६ माहमें कई बार दुष्कर्म किया है और जब लडकेकी जांच करवाई गई तो उसके अंगोंमें भारी चोटको पाया गया !
लडकेने बताया कि मौलवी उसे कक्षाके पूर्व और उसके पश्चात भी रोकता था, इस प्रकरणमें पुलिसने मौलवीके विरुद्घ पोस्कोके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है ।
अब लडकेकी चिकित्सा चल रही है, उसकी मानसिक स्तिथि भी भयके कारण विकट हो चुकी है ।
“इसप्रकारके प्रकरण समय-समयपर उजागर हुए हैं कि मदरसोंमें युवक-युवतियां दोनों ही सुरक्षित नहीं हैं ! एक तो उन्हें मस्तिष्कसे जिहादी बनाया जाता है और दुष्कर्म किया जाता है; परन्तु विचित्र है कि हिन्दू साधुओंको निराधार दुष्कर्मके आरोपमें समूचे हिन्दू धर्मको कोसनेवाला समाचार जगत और चलचित्र जगत इस्लामके क्रूर सत्य व जघन्य कृत्यके पश्चात मौन रहता है और लोगोंतक वास्तविक सत्य पहुंच नहीं पाता है । यदि इस देशको बचाना चाहते हैं तो यह उचित समय है कि मौलवियों, मदरसोंको प्रतिबन्धित किया जाए ताकि एक स्वस्थ हिन्दुस्तान सज्ज हो, न कि जिहादी और विक्षिप्त !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
Leave a Reply